प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के भभुआ बाल सुधार गृह में एक किशोर कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक मौत हो गई। इस घटना के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और परिजनों ने सुधार गृह प्रबंधन पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक की पहचान भभुआ शहर के चकबंदी रोड निवासी रुस्तम राइन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उस पर एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाने और फिर उसे ब्लैकमेल कर यौन शोषण करने का आरोप था। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 20 अगस्त 2026 को उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए बाल सुधार गृह में दाखिल कराया था।
कोर्ट में पेशी के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को रुस्तम की भभुआ सिविल कोर्ट में पेशी थी। कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने के बाद उसे वापस बाल सुधार गृह लाया गया था। सुधार गृह के इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि जब सभी बच्चे शाम का खाना खा रहे थे, उसी दौरान अचानक रुस्तम की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का गंभीर आरोप और प्रशासन का पक्ष
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के पिता और भाई सिकंदर अली सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बाल सुधार गृह के अंदर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। भाई सिकंदर अली का कहना है कि आज ही कोर्ट परिसर में उनकी रुस्तम से मुलाकात हुई थी और वह पूरी तरह स्वस्थ तथा ठीक था। ऐसे में महज एक-दो घंटे के भीतर उसकी अचानक मौत कैसे हो गई, यह गहरे संदेह के घेरे में है।
अस्पताल के डॉक्टर श्यामा कांत ने बताया कि भभुआ बाल सुधार गृह से एक किशोर को अस्पताल लाया गया था, जिसकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही भभुआ एसडीएम अमित कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि बाल सुधार गृह से एक बच्चे के लाए जाने और उसकी मौत की सूचना पर प्रशासनिक स्तर पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।



