अतीश दीपंकर, भागलपुर/ अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास।बिहार के कई जिलों में नदियों के उफान और तेज कटाव से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। भागलपुर के नवगछिया स्थित राघोपुर में गंगा नदी के भीषण कटाव ने तबाही मचा दी है, वहीं रोहतास जिले में सोन नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

​राघोपुर में गंगा का कहर: सौ साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर गंगा में समाया

​भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत राघोपुर गांव में जमींदारी बांध के पास गंगा नदी का कटाव अपने बेहद भयावह रूप में पहुंच चुका है। तेज धार के बीच राघोपुर का ऐतिहासिक और लगभग सौ वर्ष पुराना चैती दुर्गा मंदिर देखते ही देखते गंगा में विलीन हो गया। मंदिर के नदी में समा जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष और भारी दहशत का माहौल है।
​ग्रामीणों का आरोप है कि कटाव रोकने के नाम पर जो कार्य किए जा रहे थे, वे नाकाफी और केवल औपचारिकता मात्र थे। लोगों का कहना है कि इस इलाके से बिहार सरकार के दो-दो मंत्री होने के बावजूद प्रशासनिक सुस्ती और जल संसाधन विभाग की नाकामी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। राघोपुर में बांध के एक हिस्से के टूटने और कटाव की चपेट में आने से सैकड़ों घर पानी में डूब गए हैं, जिससे इलाके में भारी तबाही मच गई है। हालांकि, जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं।

​भागलपुर प्रशासन की प्रतिक्रिया

​भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकर्ता पांडे ने मंदिर के गंगा में विलीन होने की घटना पर कहा कि प्रशासन की ओर से लगातार बचाव कार्य चलाए जा रहे थे, लेकिन गंगा नदी में अचानक बढ़े जलस्तर और तेज कटाव के कारण मंदिर को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को पूरी मुस्तैदी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

​सोन नदी का बढ़ा जलस्तर: रोहतास और औरंगाबाद में हाई अलर्ट

​दूसरी ओर, रोहतास जिले से मिल रही खबर के अनुसार सोन नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद इंद्रपुरी स्थित सोन बराज के सभी गेटों को खोल दिया गया है। वर्तमान में इंद्रपुरी बराज से 3.70 लाख क्यूसेक पानी सोन नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिससे रोहतास के नासरीगंज और औरंगाबाद जिले के दाउदनगर के बीच बने सोन पुल पर भारी दबाव बन गया है।
​पानी की रफ्तार बेहद तेज होने के कारण नासरीगंज और दाउदनगर के तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नासरीगंज के अंचल अधिकारी लगातार सोन ब्रिज पर मौजूद रहकर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

​इंद्रपुरी बराज पर हाई-लेवल मीटिंग, डीएम ने संभाली कमान

​रोहतास जिले के डेहरी स्थित इंद्रपुरी सोन बराज पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा खुद मौके पर कैंप कर पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की है।
​जिलाधिकारी ने बताया कि अभी 3.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके स्तर में जल्द ही थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, झारखंड के पलामू और अन्य ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण सोन नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निचले और तटीय इलाकों के लोगों को पूरी तरह सतर्क और सुरक्षित रहने की हिदायत दी है।