चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को अपने पैतृक गांव सतौज से बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के किसी भी अन्य राज्य ने अब तक ग्रामीण स्तर पर ऐसी आधुनिक व्यवस्था के बारे में नहीं सोचा है। इस प्रोजेक्ट का कुल बजट लगभग 8 करोड़ रुपये है।

41 किलोमीटर लंबी तारें जमीन के नीचे बिछाई जाएंगी। गांव की सड़कों से करीब 382 बिजली के खंभे पूरी तरह हटा दिए जाएंगे। 11KV की हाई-वोल्टेज लाइनों को भी अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस पहल से राज्य में सुरक्षा के साथ सुंदरता भी बढ़ेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में सिर्फ बिजली के खंभे लगवाने के नाम पर जमकर राजनीति और भ्रष्टाचार होता था। लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब गांवों में अत्याधुनिक फाइबर तारें बिछाई जा रही हैं जो हर मौसम के अनुकूल हैं।

बिजली संकट की आशंकाओं को खारिज करते हुए सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार ने खुद के थर्मल प्लांट खरीदे हैं और कोयले की खदानें शुरू करवाई हैं। वर्तमान में राज्य के पास 45 दिन का अतिरिक्त कोयला स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा, उन्होंने चुनावी वादों को दोहराते हुए कहा कि जल्द ही राज्य की महिलाओं को 1000 और 1500 रुपये की मासिक सहायता राशि दी जाएगी।

एक सच्ची श्रद्धांजलि है यह

ढीली और लटकती बिजली तारों के खतरों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अपने गांव सतौज के तीन होनहार युवाओं की मौत इसी बिजली नेटवर्क की लापरवाही के कारण हुई थी। उन्होंने कहा कि यह भूमिगत प्रोजेक्ट उन मृत बच्चों के परिवारों के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे न केवल मानव जीवन सुरक्षित होगा, बल्कि हर साल शॉर्ट-सर्किट से किसानों की तैयार फसलों में लगने वाली विनाशकारी आग पर भी पूरी तरह रोक लगेगी।

मोदी पर निशाना साधा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं का दोष खाड़ी देशों की परिस्थितियों पर मढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में आकर अपनी सभी विदेश यात्राओं के समझौतों को सार्वजनिक करें। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दौरों से देश का गरीब और गरीब हो रहा है, जबकि पीएम के उद्योगपति मित्रों के काम विदेशों में शुरू हो रहे हैं। मान ने कहा, ‘विश्व गुरु’ बनाने के नाम पर देश को आर्थिक रूप से पीछे धकेला जा रहा है।