कुंदन कुमार/पटना। पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता भगवंत मान अपने परिवार के साथ बिहार की राजधानी पटना पहुंचे। पटना आगमन के तुरंत बाद वे सीधे सिख धर्म के ऐतिहासिक और पवित्र स्थल पटना सिटी स्थित तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा के लिए रवाना हुए। इस धार्मिक यात्रा के दौरान उनके साथ उनका परिवार भी मौजूद रहा। मुख्यमंत्री मान ने गुरुद्वारे में शीश नवाया और गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया।
इस विशेष प्रार्थना के पीछे एक बड़ा उद्देश्य भी सामने आया है। भगवंत मान ने पंजाब में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, मर्यादा और पवित्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए बनाए गए विशेष कानून की सफलता की कामना की। उन्होंने अरदास की कि पंजाब सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए उठाए गए इस कदम को गुरु महाराज का आशीर्वाद मिले, ताकि राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक संपदा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
’आप’ सांसदों के दलबदल पर बरसे मान
धार्मिक दर्शन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजनीतिक मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आड़े हाथों लिया। आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के पाला बदलकर बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर मान का दर्द और गुस्सा साफ नजर आया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया।
भगवंत मान ने बताया कि इस गंभीर लोकतांत्रिक संकट को लेकर उन्होंने देश के राष्ट्रपति से मुलाकात की है और पूरे घटनाक्रम से उन्हें अवगत कराया है। बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के विधायकों को खरीदना और दूसरी पार्टियों को तोड़ना अब बीजेपी का मुख्य धंधा बन चुका है। मान ने नसीहत देते हुए कहा कि बीजेपी को राजनीतिक जोड़-तोड़ की इस ओछी राजनीति को तुरंत छोड़ देना चाहिए और अपना पूरा ध्यान देश के विकास, भुखमरी तथा बेरोजगारी जैसी असल समस्याओं को सुलझाने पर लगाना चाहिए।
पंजाब में नहीं होने देंगे बिहार-बंगाल जैसा ‘वोटर कार्ड’ खेल: भगवंत मान
बिहार और पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए ‘SIR’ (सस्पिशियस इंस्टीट्यूशनल रिमूवल/वोटर लिस्ट स्क्रूटनी) के बाद पंजाब में भी इसी तरह की प्रक्रिया लागू होने की संभावनाओं पर भगवंत मान ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि दूसरे राज्यों में जो भी हुआ हो, लेकिन पंजाब की धरती पर वह ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के नाम पर अक्सर विपक्ष के सही और वैध वोटरों के नाम मतदाता सूची से काट दिए जाते हैं, ताकि चुनाव को प्रभावित किया जा सके। भगवंत मान ने दृढ़ता से कहा कि पंजाब के किसी भी वैध नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से हटने नहीं दिया जाएगा। वे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे और पंजाब में किसी भी तरह की प्रशासनिक धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

