अजय सैनी, भिवानी. महान दानवीर, राष्ट्रभक्त और लोकहितैषी भामाशाह की जयंती के अवसर पर भिवानी के श्री अग्रवंश परिवार ने समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। संस्था ने समाज के वास्तविक विकास को गति देने के उद्देश्य से एक जरूरतमंद परिवार की बालिका की शिक्षा के लिए 11 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की है। संस्था की इस पहल ने समाज को यह संदेश दिया है कि सच्ची राष्ट्रसेवा शिक्षा, सेवा और आपसी सहयोग की भावना में ही निहित है।

इस प्रेरणादायी कार्यक्रम के दौरान संस्था के अध्यक्ष नरेश गोयल ने दानवीर भामाशाह के जीवन और उनके महान त्याग को याद किया। उन्होंने कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, परोपकार और राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। उनके आदर्श आज भी हमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सहायता करने और विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने की प्रेरणा देते हैं। अध्यक्ष ने संस्था के महासचिव मनीष गोयल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे वर्षों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ सामाजिक कार्यों में जुटे हुए हैं। उनका विनम्र व्यवहार और समाज के प्रति संवेदनशीलता ही है जिसके कारण संस्था निरंतर जनसेवा के नए आयाम स्थापित कर रही है।

उल्लेखनीय है कि मनीष गोयल लंबे समय से सामाजिक, धार्मिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे कृपा सांवरे के मंच सहित विभिन्न माध्यमों से निरंतर जरूरतमंद परिवारों, विद्यार्थियों और समाज के कमजोर वर्गों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी बच्चों की शिक्षा के लिए उनके द्वारा किए जाने वाले विशेष प्रयास क्षेत्र में अत्यंत सराहनीय माने जाते हैं। उनके सरल व्यक्तित्व और निस्वार्थ कार्यशैली की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।

कार्यक्रम के समापन पर श्रीअग्रवंश परिवार के सभी उपस्थित सदस्यों ने दानवीर भामाशाह के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में दोहराया कि शिक्षा, सेवा और सामाजिक सहयोग के कार्यों को बिना रुके आगे बढ़ाया जाएगा ताकि भामाशाह जी की यह पावन विरासत आने वाली पीढिय़ों के लिए सदैव मार्गदर्शक बनी रहे।