सोहराब आलम, मोतिहारी। भरत तिवारी एनकाउंटर की घटना से मर्माहत होने बाद उनके चचेरे भाई होने का दावा करने वाले आशीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर नौकरी छोड़ने का दावा किया था। हालांकि उस दावे में हकीकत कम और झूठ ज्यादा दिख रहा है। बता दें कि सोशल मीडिया पर नौकरी छोड़ने का दावा करने वाले आशीष तिवारी वर्तमान समय में मोतिहारी के पुलिस लाइन में तैनात है।

आशीष ने थाना प्रभारी पर तानी थी पिस्टल

नौकरी के दौरान भी आशीष तिवारी के कारनामों की खूब चर्चा होती रही है। आशीष तिवारी पर इससे पहले भी 7 जून 2023 को हरपुर थाने में गाली गलौज करने और चाकू लेकर दौड़ने का मामला है। तो वहीं, 17 अगस्त 2024 को पिपरा कोठी थाने में ड्यूटी के दौरान अपने वरीय अधिकारी और थाना प्रभारी पर ही पिस्टल तान देने का भी मामला सामने आया था, जिसे लेकर उसके उपर विभागीय कार्रवाई 58/ 2024 भी चल रही है और उसका वेतन भी रोक दिया गया था।

एसपी स्वर्ण प्रभात ने मांगा स्पष्टीकरण

वहीं, आशीष तिवारी मोतिहारी के वर्तमान में पुलिस लाइन में तैनात है। उसकी आरक्षी संख्या 647 है। आशीष ने नौकरी छोड़ने को लेकर किसी तरह का पत्र नहीं दिया है। न ही इस बारे में उसने अपने वरीय अधिकारी को सूचना दी है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने वायरल वीडियो के आधार पर आशीष तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।

रिटायर्ड जज के नेतृत्व में हो रही जांच

गौरतलब है कि बीते 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से भोजपुर के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की मौत हो गई थी, जिस तरह भरत तिवारी के सरेंडर करने और हथियार फेंकने के बाद पुलिस ने गोली मारी उसे लेकर परिजनों और लोगों में काफी नाराजगी है। वे इसे हत्या करार दे रहे हैं। बीते दिन भरत तिवारी के गांव में महापंचायत भी बुलाई गई थी, जिसमें बिहार समेत देशभर से विभिन्न संगठन से जुड़े लोग और नेता पहुंचे थे।

सरकार ने रिटायर्ड जज की निगरानी में न्यायिक जांच की कमेटी का गठन किया है, जिसकी जांच रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में हो रही है। जांच टीम ने भरत तिवारी के घर जाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और भरत के परिजनों से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

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