Bharat Tiwari Encounter: पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भोजपुर निवासी भरत तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस समय तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी अंतिम इच्छा बताते हुए अपनी मौत के बाद शरीर और अंगों को जरूरतमंद लोगों को दान करने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं।

वायरल वीडियो में भरत तिवारी यहभी कहते हुए दिख रहे हैं कि प्राथमिकता भारतीय सेना को दी जाए और यदि किसी गरीब व्यक्ति को किसी अंग की जरूरत हो तथा वह आर्थिक रूप से सक्षम न हो, तो उसके लिए उनके अंग दान कर दिए जाएं। भरत तिवारी ने यह वीडियो जनवरी 2025 में रिकॉर्ड किया था।

भरत तिवारी को थी एनकाउंटर की आशंका

हैरान करने वाली बात यह है कि भरत तिवारी को अपने एनकाउंटर की आशंका पहले से ही थी। उन्होंने इस संबंध में एनकाउंटर होने से 10 घंटे पहले ही इसका जिक्र अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर किया था। भरत तिवारी ने लिखा था कि, कुछ लोग उसके खिलाफ साजिश रच रहे हैं और उसे खत्म करने के लिए विशेष टीम तक भेजी जा सकती है। यह भी एक बड़ी वजह है कि पुलिस द्वारा किए गए इस एनकाउंटर को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।

एनकाउंटर से ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल

बता दें की बीते बुधवार को भोजपुर में हुए मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से घायल भरत तिवारी की पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मुठभेड़ के दौरान उससे पहले भी सोशल मीडिया पर पुलिस और भरत तिवारी के बीच धमकी गाली-गलौज और हथियार फेंकते हुए व आत्मसमर्पण करने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद हुए एनकाउंटर और भरत तिवारी की मौत से नाराज आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह बिलौटी गांव के पास भूषण तिवारी के शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर पथरवा भी किया।

नेताओं में भी दिखा रोष

बता दें कि भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर केवल आम लोगों में ही नहीं बल्कि नेताओं में भी काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विजय सिन्हा, अश्विनी चौबे, संजय झा और प्रशांत किशोर समेत अन्य कई नेताओं और राजनीतिक दलों ने भी इसे गलत बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाने का आरोप

गांव के लोगों का कहना है कि जब भरत भूषण तिवारी ने पिस्तौल फेंक दिया तो फिर पुलिस ने उसे गोली क्यों मारी? परिवार वालों का कहना है कि भरत भूषण तिवारी भ्रष्ट सिस्टम और गांव में काम नहीं होने को लेकर लगातार प्रशासन और सरकार पर वीडियो बनाता था, जिसके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई गई, जो युवक के पैर और जांघ में लगी, जिसकी इलाज के क्रम में पटना पीएमसीएच में मौत हो गई।

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