गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली और मिलावटी शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। वहीं, 25 से 28 लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है। घटना के सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चार स्थानीय पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
उज्जैन से जुड़ी सप्लाई चेन, ‘रॉयल स्टैग’ की बोतलों में थी शराब
यह दर्दनाक मामला भावनगर के घोघा तालुका स्थित खरकड़ी गांव का है। 19 अगस्त को वरतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के मुताबिक, यह शराब मध्य प्रदेश के उज्जैन से लाई गई थी। आरोपियों ने अधिक आर्थिक मुनाफे के चक्कर में इस शराब में खतरनाक केमिकलों की मिलावट की और इसे भावनगर तथा आसपास के इलाकों में बांट दिया। जांच अधिकारियों ने खुलासा किया है कि इस जहरीली शराब को ‘रॉयल स्टैग’ के लेबल वाली बोतलों में भरकर बेचा जा रहा था।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में भारी मात्रा में मिला मेथेनॉल
जब्त किए गए शराब के सैंपल की केमिकल जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। लैब एनालिसिस में शराब के सैंपल में 38.59% मेथेनॉल और मात्र 0.94% इथेनॉल पाया गया है। मेथेनॉल एक बेहद जहरीला केमिकल है, जो इंसान के शरीर में जाते ही आंखों की रोशनी छीन लेता है और अंगों को काम करने से रोक देता है। पीड़ितों के नमूनों में भी मेथेनॉल की उच्च मात्रा दर्ज की गई है।
कार्रवाई और जांच जारी
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत 21 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। भावनगर के एसपी नितेश पांडे ने बताया कि पुलिस अब पूरी सप्लाई चेन को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जहरीली शराब का बाकी स्टॉक कहां-कहां भेजा गया है।
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