अजय सैनी, भिवानी. नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को 35वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। भिवानी नगर परिषद कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार की वादाखिलाफी और टालमटोल की नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया। बुधवार को धरने की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरूषोत्तम दानव ने की, जबकि मंच का संचालन सर्व कर्मचारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष अशोक गोयत और नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई सचिव रमेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया।

धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे आंदोलन और उनकी जायज मांगों को लेकर सरकार जरा भी गंभीर नहीं है। सरकार की ओर से समाधान निकालने के बजाय केवल खोखले आश्वासन दिए जा रहे हैं। कर्मचारी संघ के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार अपने अडिय़ल रवैये को छोडक़र मांगों पर विचार नहीं करती, तो कर्मचारी भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। आंदोलन को किसी भी सूरत में कमजोर नहीं पडऩे दिया जाएगा।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की कि रोडवेज, फायर ब्रिगेड, नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका समेत सभी सरकारी विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को बिना किसी देरी के पक्का किया जाए। उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम की कार्यप्रणाली को खारिज करते हुए कहा कि कर्मचारी अब इस व्यवस्था के तहत अस्थायी रोजगार स्वीकार नहीं करेंगे। कर्मचारियों को स्थायी नौकरी दी जानी चाहिए और सरकार के साथ हुए समझौते की सभी शर्तों को अविलंब लागू किया जाना चाहिए।

सरकार द्वारा अपनाए जा रहे कड़े रुख और प्रशासनिक कार्रवाई पर बोलते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि नोटिस जारी करने, नौकरी से निकालने और बर्खास्तगी जैसी दमनात्मक नीतियों से कर्मचारियों को डराया नहीं जा सकता। सरकार चाहे कितनी भी सख्त कार्रवाई कर ले, कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

उन्होंने बताया कि आंदोलन को और अधिक धार देने के लिए कर्मचारी संगठनों ने बड़े स्तर पर रणनीतिक बैठकों का ऐलान किया है। संघ ने घोषणा की है कि 11 सितंबर को भिवानी नगर परिषद प्रांगण में विभिन्न कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बड़ी महापंचायत बुलाई जाएगी। इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में भी महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इन महापंचायतों के माध्यम से आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और अधिक उग्र एवं प्रभावी बनाने की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी।