भिवानी। हरियाणा के भिवानी जिले स्थित बवानीखेड़ा कस्बे में रविवार को मुख्यमंत्री की रैली से ठीक पहले पुलिस ने जननायक जनता पार्टी (JJP) युवा विंग के जिलाध्यक्ष सेठी धनाना को उनके आवास से हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम रविवार सुबह अचानक उनके घर पहुंची और उन्हें थाने ले गई, जहां मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न होने तथा उनका काफिला रवाना होने के बाद ही उन्हें रिहा किया गया।
बिना पूर्व घोषणा के पुलिस कार्रवाई से राजनीतिक हलचल
पुलिस प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा और बहस छेड़ दी है। हैरानी की बात यह रही कि जजपा युवा नेता की ओर से न तो मुख्यमंत्री की रैली के बहिष्कार का कोई औपचारिक ऐलान किया गया था और न ही कोई ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम तय था। इसके बावजूद पुलिस ने एहतियातन कदम उठाते हुए उन्हें पूरे कार्यक्रम के दौरान थाने में बैठाए रखा।
“युवाओं की एकजुटता और ताकत से डरी सरकार”
रिहाई के बाद जजपा युवा जिलाध्यक्ष सेठी धनाना ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया। सेठी धनाना ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए जेन-जी प्रदर्शनों में देश के युवाओं की एकजुटता देखकर सत्ता में बैठी सरकार पूरी तरह घबरा गई है और उसे अब हर जागरूक युवा से डर लगने लगा है।
अधिकारों की आवाज उठाने का दोहराया संकल्प
सेठी धनाना ने कहा कि बिना किसी कारण या विरोध की घोषणा के युवा नेताओं को हिरासत में लेना यह साबित करता है कि सरकार युवाओं की ताकत और उनके असंतोष से डरी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसी पुलिसिया कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और युवाओं के हकों की आवाज पूरी मुस्तैदी से उठाते रहेंगे।
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