अजय सैनी, भिवानी। स्थानीय हालुवास गेट स्थित शंकर गिरी कॉलोनी में पिछले काफी समय से बंदरों के बढ़ते आतंक ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। जनहित सुरक्षा और कॉलोनीवासियों की समस्याओं को देखते हुए अधिवक्ता पवन गौतम ने क्षेत्रवासियों ने उपायुक्त को कॉलोनीवासियों का हस्ताक्षरयुक्त मांगपत्र सौंपकर इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

उपायुक्त को सौंपी शिकायत में अधिवक्ता पवन गौतम ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों का झुंड ना केवल गलियों और छतों पर डेरा जमाए रखता है, बल्कि अब वे मकानों के अंदर तक घुसने लगे हैं। बंदरों के इस हिंसक व्यवहार के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि बंदरों द्वारा छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर हमला करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त है। बंदरों के खौफ के कारण बच्चों ने बाहर खेलना बंद कर दिया है और आम नागरिकों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।

यही नहीं बंदरों द्वारा घरों में घुसकर कपड़े फाडऩा, खाने-पीने का सामान उठाकर ले जाना और घरेलू वस्तुओं को नुकसान पहुंचाना अब आम बात हो गई है। जनहित और सुरक्षा के मद्देनजर, अधिवक्ता पवन गौतम ने प्रशासन के समक्ष कॉलोनीवासियों की आवाज उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए।

अधिवक्ता गौतम ने कहा कि शंकर गिरी कॉलोनी के निवासी पिछले लंबे समय से बंदरों के आतंक के कारण भयभीत हैं। एक स्कूल के पास स्थित यह क्षेत्र अब बंदरों का अड्डा बन चुका है। उनकी मांग है कि संबंधित विभाग को तुरंत दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि इन बंदरों को पकडक़र सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जा सके। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए यह कदम उठाना प्रशासन की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है।

इस दौरान उनके साथ कॉलोनीवासी अनिल कनोडिय़ा, अजीत तंवर, हेमन्त कुमार, अन्नू सोनी, वैभव, कमलेश देवी, राजीव वर्मा, वेदकौर सहित अन्य ने भी मांग की है कि संबंधित विभाग को निर्देशित कर बंदरों को शीघ्र पकड़वाया जाए।