पटना। राजधानी के राजीवनगर इलाके में बिहार राज्य आवास बोर्ड की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव और हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। इस घटना में एक डॉक्टर ने फायरिंग में घायल होने का दावा किया है जबकि पुलिस प्रशासन ने गोलीबारी की घटना से पूरी तरह इनकार किया है।

​घटना का विवरण

​यह मामला राजीवनगर के रोड नंबर 8 का है। घटना की सूचना मिलते ही दीघा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में छानबीन की। पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर रमेश के घर पहुंचकर उनसे संपर्क किया। डॉक्टर रमेश, जो पेशे से एक डेंटिस्ट हैं और शोभा डेंटल क्लीनिक चलाते हैं का कहना है कि उन्होंने हाल ही में राजीवनगर में एक प्लॉट खरीदा है।

​डॉक्टर के आरोप और दावें

​डॉक्टर रमेश का आरोप है कि प्लॉट खरीदने के बाद से ही कुछ असामाजिक तत्व उन्हें लगातार धमकी दे रहे थे और उनसे रंगदारी की मांग कर रहे थे। डॉक्टर के अनुसार आज जब वे अपने उस प्लॉट पर चारदीवारी का निर्माण कार्य करवा रहे थे तभी विपक्षी गुट के लोगों ने मौके पर पहुंचकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। डॉक्टर ने दावा किया है कि हमलावरों ने उन पर तीन राउंड फायरिंग की जिसमें एक गोली का छर्रा उनके पैर में लगा है।

​पुलिस का रुख और आधिकारिक बयान

​मामले की गंभीरता को देखते हुए SDPO (लॉ एंड ऑर्डर) दिव्यांजलि जायसवाल ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल की सघन जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि वहां कोई फायरिंग नहीं हुई है।
​अधिकारी ने बताया कि यह जमीन लंबे समय से विवादित थी और आवास बोर्ड ने आज सुबह ही प्लॉट को खाली कराया था। इसी दौरान दो गुट आमने-सामने आ गए जिसके परिणामस्वरूप केवल मारपीट की घटना हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गोली चलने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। फिलहाल पीड़ित डॉक्टर द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
​यह विवाद पटना में भूमि माफियाओं और आवास बोर्ड की जमीनों को लेकर चल रही खींचतान की एक बानगी भर है। फिलहाल इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी पक्ष को बख्शा नहीं जाएगा।