अजय सैनी, भिवानी. शहर के वार्ड नंबर 25 में लंबे समय से लंबित जनसमस्याओं और प्रशासनिक विभागों की घोर लापरवाही के खिलाफ पार्षद विनोद प्रजापति का गुस्सा फूट पड़ा है। वार्ड में मंडरा रहे बड़े हादसों के खतरे और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर पार्षद विनोद प्रजापति ने सीधे भिवानी के उपायुक्त महोदय को दो अलग-अलग मांग पत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। पार्षद ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जनहित के इन मुद्दों पर अगर तुरंत संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे जनता को साथ लेकर सडक़ों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।

उपायुक्त को सौंपे पहले शिकायत पत्र में पार्षद विनोद प्रजापति ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड 25 में करीब 12 से 15 बिजली के खंभे बुरी तरह से झुके हुए हैं, जो कभी भी धराशायी हो सकते हैं। इन झुक चुके खंभों की वजह से हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि क्या बिजली विभाग किसी मासूम की जान जाने या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, जो अब तक इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है।


दूसरे मांग पत्र में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जनहित से जुड़ी अमृत योजना की सुस्त रफ्तार को आड़े हाथों लिया गया है। पार्षद ने उपायुक्त को अवगत कराया कि वार्ड 25 में पानी की टंकी से लेकर कन्हीराम अस्पताल तक जाने वाली मुख्य सडक़ नगर परिषद के ठेकेदासर द्वारा पिछले 2 महीने से पूरी तरह उखाड़ी गई है। सडक़ निर्माण और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कभी पीने के पानी की लाइन डालने तो कभी सीवर लाइन डालने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। अमृत योजना-2 के तहत भी अभी तक धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हो सका है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।


पार्षद विनोद प्रजापति ने कहा कि वार्ड की जनता पिछले कई महीनों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। एक तरफ 12-15 बिजली के खंभे मौत बनकर कभी भी गिरने की कगार पर खड़े हैं, तो दूसरी तरफ पानी की टंकी से मुंशीराम अस्पताल तक की मुख्य सडक़ को खोदकर लावारिस छोड़ दिया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी पूरी तरह संवेदनहीन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब मानसून का मौसम सिर पर है। इस उखड़ी और जर्जर सडक़ पर कीचड़ व जलभराव होने से बुजुर्ग, माताएं और छोटे बच्चे रोजाना गिरकर चोटिल हो रहे हैं। क्या प्रशासन को भिवानी के नागरिकों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है।

उन्होंने कहा कि उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर इन झुके खंभों को तुरंत बदलने और उखड़ी सडक़ को जल्द से जल्द पक्का बनवाने की पुरजोर मांग की है। अगर इन दोनों समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।


पार्षद विनोद प्रजापति ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के नाम पर वार्ड वासियों के सब्र का इम्तिहान अब बंद होना चाहिए। उखड़ी सडक़ों और लटकते बिजली के तारों के कारण व्यापार और आम आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है। उपायुक्त को दिए गए पत्रों पर अधिकारियों द्वारा तुरंत मार्क तो कर दिया गया है, लेकिन अब देखना यह होगा कि कछुआ चाल से चल रहा प्रशासनिक अमला इस बरसात के मौसम में जनता को इस नरक से कब तक निजात दिला पाता है।