अजय सैनी, भिवानी। ऐतिहासिक, शैक्षणिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भिवानी जिला आज भी रेल सुविधाओं के मामले में अपेक्षित विकास से वंचित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के कार्यकाल के बाद भिवानी की रेल व्यवस्था के विस्तार की दिशा में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों ने रेल सुविधाओं को लेकर गंभीर पहल नहीं की, जिससे जिले के लाखों यात्रियों को आज भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जंक्शन होने के बावजूद सीमित सुविधाएं
भिवानी जंक्शन होने के बावजूद यहां से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इतना ही नहीं, नई दिल्ली जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन भिवानी जंक्शन के बजाय भिवानी सिटी स्टेशन से किया जाने लगा है। इससे जंक्शन से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को अतिरिक्त असुविधा उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भिवानी सिटी स्टेशन तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा की अनदेखी की है।
स्टेशन पर सुविधाओं की भी कमी
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर स्वच्छता, यात्री सुविधाओं, प्रतीक्षालय, पेयजल और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं में भी सुधार की आवश्यकता है। उनका मानना है कि जिले की जनसंख्या, शैक्षणिक संस्थानों, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक संभावनाओं को देखते हुए भिवानी को बेहतर रेल नेटवर्क मिलना चाहिए।
बंद हुई ट्रेनों से बढ़ी परेशानी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पहले भिवानी एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं सीधे नई दिल्ली तक संचालित होती थीं। समय के साथ इन ट्रेनों को बंद कर दिया गया या उनका संचालन बदल दिया गया। हिसार–नई दिल्ली पैसेंजर, किसान एक्सप्रेस और त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को भी भिवानी जंक्शन से हटाकर भिवानी सिटी स्टेशन कर दिया गया।यात्रियों की मांग है कि सुबह 6 से 7 बजे के बीच भिवानी जंक्शन से नई दिल्ली के लिए एक सीधी एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की जाए।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और रेलवे की विभिन्न सलाहकार समितियों के सदस्य रेल सुविधाओं के मुद्दे को प्रभावी ढंग से नहीं उठा रहे हैं। उनका कहना है कि केवल औपचारिक पत्राचार और फोटो जारी करने तक ही प्रयास सीमित रह जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता।
सांसद ने क्या कहा?
सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह का कहना है कि हिसार से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन को भिवानी जंक्शन तक लाने पर इंजन की दिशा बदलने (लोको रिवर्सल) में लगभग आधा घंटा अतिरिक्त समय लगता है। हालांकि स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि यह तकनीकी बाधा है, तो भिवानी जंक्शन से नई दिल्ली के लिए अलग सीधी ट्रेन शुरू करने में क्या समस्या है।
रेल संपर्क से जुड़ा विकास
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास बेहतर रेल संपर्क पर काफी हद तक निर्भर करता है। ऐसे में भिवानी के नागरिकों को उम्मीद है कि भविष्य में रेलवे और सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और जिले को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

