भोजपुर। जिले में शादी समारोह में नाच देखने के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के सोहरा गांव में दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प में लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और लोहे की रॉड का खुलकर इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण दोनों पक्षों के कुल 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

​अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल

​झड़प की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अभिरक्षा में सभी घायलों को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हिंसक वारदात में एक पक्ष से 62 वर्षीय श्री चौधरी, उनके चार बेटे नंदजी चौधरी (32), राजू चौधरी (23), दिलीप चौधरी (26) और मुन्ना चौधरी (18) गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से सोहरा गांव के ही रहने वाले राम सिंगार बिंद (60), मंडल बिंद (55), नीतीश कुमार (18), राम अयोध्या राम (22), सत्यम कुमार (23) और संजीत कुमार (18) घायल हुए हैं।

​पहले पक्ष का आरोप: फोन कर बुलाया और पीटा

​घटना के संदर्भ में पहले पक्ष के घायल युवक सत्यम कुमार ने बताया कि बीती 13 मई को उसकी चचेरी बहन की शादी थी, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम (नाच) का आयोजन किया गया था। आरोप है कि नाच के दौरान गांव का ही मुन्ना चौधरी अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा और व्यवधान डालते हुए हंगामा करने लगा। जब सत्यम और उसके परिवार ने इसका विरोध किया, तो मुन्ना ने उन्हें देख लेने की धमकी दी। सत्यम के अनुसार, शुक्रवार को मुन्ना ने उसे फोन करके एक जगह बुलाया और अचानक उस पर हमला कर दिया। जब उसके परिजन इस बात की पूछताछ करने मुन्ना के घर गए, तो दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पूरे परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया।

​दूसरे पक्ष का दावा: पुरानी रंजिश में घर पर बोला हमला

​दूसरी तरफ, आरोपी मुन्ना चौधरी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अलग कहानी बताई है। मुन्ना का कहना है कि कुछ दिन पहले सत्यम के दोस्तों के साथ उसकी किसी बात को लेकर बहस और कहासुनी हुई थी, जिसके बाद से वे लोग रंजिश पाले हुए थे। मुन्ना के मुताबिक, शादी के नाच कार्यक्रम के दौरान सत्यम और उसके दोस्तों ने पुरानी खुन्नस निकालते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। इसके बाद, शुक्रवार को उसी विवाद को आगे बढ़ाते हुए सत्यम ने अपने पूरे परिवार को लामबंद किया और मुन्ना के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान लोहे की रॉड से मारकर मुन्ना और उसके परिजनों को लहूलुहान कर दिया गया।

​पुलिस जांच में जुटी

​इस खूनी संघर्ष के बाद दोनों ही पक्षों ने स्थानीय कृष्णागढ़ थाने में एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयानों को आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिया है और मामले की गहन छानबीन में जुट गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।