जगदीशपुर/भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर में प्रस्तावित बहुजन महापंचायत को प्रशासन ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और संभावित भीड़ के मद्देनजर धारा-144 लागू कर दी है। आयोजकों और स्थानीय प्रशासन के बीच अनुमति को लेकर बने गतिरोध के बाद यह निर्णय लिया गया है।
महापंचायत स्थगित, प्रशासन का सख्त रुख
बहुजन महापंचायत आयोजन समिति ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की घोषणा की। समिति ने बताया कि जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। उपमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) द्वारा जारी संयुक्त आदेश के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। समिति ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि महापंचायत की अगली तिथि प्रशासन से अनुमति प्राप्त होने के बाद घोषित की जाएगी।
न्याय के लिए मां का आमरण अनशन
दूसरी ओर कथित एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग कर रहे पीड़ित भरत तिवारी का परिवार अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। भरत की मां आशा देवी ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन को तेज करते हुए 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है। परिवार की मुख्य मांग एनकाउंटर में शामिल तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार, एसडीपीओ राजेश शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी है। परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही, 12 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर परशुराम दल के बैनर तले विरोध प्रदर्शन की भी योजना है।
सुरक्षा को लेकर दहशद में परिवार
आशा देवी ने अपने परिवार की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से रात के समय बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध गाड़ियां उनके घर के आसपास मंडरा रही हैं, जिससे परिवार में दहशत का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि डायल 112 पर सूचना देने के बावजूद समय पर सहायता नहीं मिली।
आशा देवी ने प्रशासन से स्पष्ट कहा है कि यदि अब कोई भी अधिकारी जांच के सिलसिले में उनके गांव आता है, तो उन्हें पहले से पूर्व सूचना दी जाए ताकि वे सहयोग कर सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गांव के निर्दोष युवाओं पर दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लेने की भी मांग की है। फिलहाल, क्षेत्र में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है और पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं।

