आरा। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित बिहार बंद का असर भोजपुर जिले में व्यापक रूप से देखने को मिला। निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आरा और जगदीशपुर समेत कई इलाकों में छात्र एवं वामपंथी संगठनों ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़कों पर आगजनी, जाम और रेलवे ट्रैक पर उतरकर हंगामा किया गया।

​कलेक्ट्रेट घेराव और रेलवे ट्रैक पर हंगामा

​भोजपुर में प्रदर्शनकारियों का उग्र रूप सामने आया। भीम आर्मी के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद गुस्साई भीड़ आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंच गई और वहां पटना-बक्सर पैसेंजर ट्रेन को कुछ देर के लिए रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन के नवनिर्मित प्रवेश द्वार को भी तोड़ने का प्रयास किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने स्थिति को नियंत्रित किया।

​सड़कों पर उतरी भीड़, टायर जलाकर किया जाम

​शहर में छात्र संगठनों ने बैनर-पोस्टर के साथ विरोध मार्च निकाला। जगदीशपुर के नया टोला मोड़ पर आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की। प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड के पास आरा-सासाराम और मोहनिया नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान एंबुलेंस और आम यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

​पवन सिंह के पोस्टर फाड़े और अनोखा विरोध

​प्रदर्शन के दौरान शहर में लगे भाजपा नेता और पावर स्टार पवन सिंह के पोस्टर फाड़ दिए गए। छात्रों ने हाथों में चप्पल लेकर अनोखे तरीके से शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने ‘जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है’ और ‘शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें’ जैसे नारे लगाए।

​नेताओं की चेतावनी और प्रशासन की पहल

​इस आंदोलन का नेतृत्व शाहनवाज खान और आनंद कुमार ने किया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। हंगामे की सूचना मिलने पर जगदीशपुर बीडीओ क्रांति कुमार और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और यातायात बहाल करवाया।