सीवान। NEET पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान प्रदेश भर में भारी हिंसा और उपद्रव देखने को मिला है। राज्य के करीब 9 जिलों में जबरदस्त पत्थरबाजी, आगजनी और लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई इलाकों में तनाव का माहौल बन गया है। इस हिंसक प्रदर्शन की सबसे गंभीर घटना सीवान में सामने आई, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प के दौरान 10 राउंड से अधिक गोलियां चलीं। इस गोलीबारी में तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें दो को गले में और एक को जांघ में गोली लगी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए एक घायल छात्र को तुरंत बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है। इस दौरान हिंसक भीड़ की पत्थरबाजी में सीवान के एसपी पूरन झा के हाथ में भी चोट आई है।
दूसरी ओर, छपरा जिले में सुबह से ही प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर देखा गया। उग्र छात्रों की भीड़ ने समाहरणालय परिसर में घुसकर जमकर हंगामा किया, सरकारी संपत्ति और ऑफिस के पोस्टर फाड़े तथा पुलिस की बैरिकेडिंग उखाड़कर ले गए। आक्रोशित भीड़ ने एक पुलिस वैन को भी आग के हवाले कर दिया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि हालात पर नियंत्रण पाने के लिए आईटीबीपी (ITBP) के जवानों को सड़क पर उतारना पड़ा।

इसी तरह, सीतामढ़ी में भी प्रदर्शनकारियों ने जमकर तांडव मचाया और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करते हुए लाठियां चलानी पड़ीं। इस हिंसक झड़प के दौरान दो चार-पहिया वाहनों समेत कुल पांच गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। उग्र भीड़ को खदेड़ने और रोकने की कोशिश में सीतामढ़ी के एसपी अमित रंजन सहित 12 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालात के पूरी तरह से बेकाबू होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर एक साथ दो से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सीवान, छपरा और सीतामढ़ी के अलावा लखीसराय, भागलपुर, औरंगाबाद और पटना सहित कुल 9 जिलों में बंद के दौरान जमकर बवाल, रोड़ेबाजी और लाठीचार्ज की खबरें आईं। नीट परीक्षा के पेपर लीक और उसके बाद छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई ने पूरे राज्य के युवाओं में भयंकर आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसके चलते जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के इस बंद ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। फिलहाल, सभी प्रभावित जिलों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को दोबारा होने से रोका जा सके और स्थिति को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सके। प्रशासन लगातार गश्त कर रहा है और उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में जुटा हुआ है।



