सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल के सफलतापूर्वक सौ दिन पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्यभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री ने पूरे बिहार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिला प्रशासन द्वारा भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लेकिन, इस अति-महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम में कुछ अधिकारियों की भारी लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया खुलकर सामने आया है। कार्यक्रम से जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के नदारद रहने पर जिले के शीर्ष अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए जुटा था जिला प्रशासन
मुख्यमंत्री के सौ दिन के कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा करने के लिए इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया था। मोतिहारी में जिला प्रशासन ने इसकी पूरी तैयारी की थी। इस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी जिलाधिकारी सह अपर समाहर्ता (एडीएम) मुकेश कुमार सिन्हा और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) डॉ. प्रदीप कुमार सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे। सभी अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारी वहां से पूरी तरह गायब थे।
डीईओ राजन गिरी रहे नदारद, बीच कार्यक्रम में फूटा गुस्सा
कार्यक्रम के दौरान जब अधिकारियों की उपस्थिति पर गौर किया गया, तो पता चला कि जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी वहां मौजूद नहीं हैं। जब प्रभारी डीएम और डीडीसी ने शिक्षा विभाग के अन्य कर्मियों से डीईओ के बारे में जानकारी मांगी, तो स्पष्ट हुआ कि वे बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यक्रम से गायब हैं। यह जानकारी मिलते ही प्रभारी डीएम मुकेश कुमार सिन्हा और डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार आग बबूला हो गए। राज्य के मुखिया के कार्यक्रम में एक जिला स्तरीय अधिकारी की इस तरह की अनुपस्थिति को उन्होंने घोर लापरवाही माना।
तत्काल रिपोर्ट तलब, होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
अधिकारियों के इस रवैये को देखते हुए प्रभारी डीएम और डीडीसी ने बीच कार्यक्रम में ही सख्त लहजे में निर्देश जारी किए। उन्होंने तुरंत उन सभी अधिकारियों की रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है, जो इस महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम से नदारद थे। प्रभारी डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी जनता के सेवक बनकर काम करें
इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए प्रभारी डीएम मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया, इस कार्यक्रम में साफ तौर पर कहा गया है कि सरकारी अधिकारी या कर्मचारी खुद को जनता का सेवक मानकर काम करें। ऐसे में अधिकारियों का कार्यक्रम से गायब होना कहीं से भी जायज नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जो भी अधिकारी इस कार्यक्रम से गायब रहे हैं, उन पर निश्चित रूप से गाज गिरेगी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


