पटना। जिले के पंडारक का रहने वाला कुख्यात अपराधी और तीन लाख रुपये का इनामी भोला सिंह अब सलाखों के पीछे है। मंगलवार सुबह उसे कड़ी सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल से बाढ़ लाया गया, जहाँ बाढ़ कोर्ट में पेशी के बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बंगाल से बिहार तक का सफर
भोला सिंह को सीबीआई ने 16 मई को सूरत से गिरफ्तार किया था। वह पिछले 12 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था और पहचान बदलकर ‘गौतम’ और ‘अमित शर्मा’ के नाम से रह रहा था। सूरत से गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल में अपहरण के एक मामले में ले जाया गया था। मंगलवार को उसे बंगाल से ट्रेन द्वारा हाथीदह स्टेशन लाया गया और फिर सड़क मार्ग से बाढ़ थाना पहुचाया गया।
हत्या और रंगदारी के गंभीर मामले
भोला सिंह पर बिहार के विभिन्न थानों में हत्या और रंगदारी जैसे 11 गंभीर मामले दर्ज हैं। अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह के अनुसार, भोला की पेशी बाढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले में हुई है। आगामी 4 जून को उसे फिर से एसीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां से उसे रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
अनंत सिंह से दोस्ती और दुश्मनी का इतिहास
कभी सीआरपीएफ का जवान रहा भोला सिंह, कमांडो ट्रेनिंग भी ले चुका है। अपराध की दुनिया में आने के बाद वह जदयू विधायक अनंत सिंह का बेहद करीबी और ‘परछाईं’ बनकर रहता था। दोनों ने लंबे समय तक एनटीपीसी में साथ मिलकर ठेकेदारी की।
हालांकि 2008 में विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या के बाद दोनों के संबंधों में खटास आ गई। भोला सिंह पर ही संजय सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी होने का इल्जाम लगा। उनकी यही दुश्मनी इतनी बढ़ गई कि 2019 में अनंत सिंह के पैतृक आवास पर हुई छापेमारी में AK-47 बरामद होने का दावा किया गया, जिसके लिए अनंत सिंह को 10 साल की सजा सुनाई गई।
अपराध की लंबी फेहरिस्त
भोला सिंह का नाम कई चर्चित हत्याकांडों से जुड़ा रहा है। साल 2021 में पंडारक पूर्वी के मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल के साथ-साथ पंडारक थाने के एएसआई राजेश कुमार और सिपाही लाल बहादुर की हत्या के मामले में भी भोला सिंह मुख्य संदिग्धों में शामिल रहा है। अब पुलिस की रिमांड के बाद उससे इन मामलों में कड़ी पूछताछ की उम्मीद है।

