शिखिल ब्यौहार, भोपाल। भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक तो हुई लेकिन लाखों खर्च के बाद भी एक लोगों को समस्याओं से राहत नहीं मिली। इसे लेकर कांग्रेस और बीजेपी के पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हुआ। बैठा के का एजेंडा नगर निगम की संपत्तियों को किराए पर देने के लिए ही तय किया गया था।
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बैठक के शुरू होते ही एजेंट डे के बिंदुओं को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षद दल ने सवाल उठाया की बारिश के दौरान जलभराव की समस्या, सीवेज की समस्या, स्ट्रीट लाइट की समस्या और खस्ताहाल सड़कों को क्यों अनदेखा किया जा रहा है। इसी सियासी गम गई के बीच कई प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। नगर निगम अध्यक्ष ने बैठक से नदारत नगर निगम कमिश्नर को लेकर आसंदी से नाराजगी जताई। एमआईसी से सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर के प्रस्ताव को भी नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पुनर्विचार के लिए वापस लौट आया। नवनिर्मित नगर निगम मुख्यालय अटल भवन बनाने के बाद अलग-अलग कार्यालय हो को किराए पर देने की प्रस्तावों पर मोहर लगाई गई।
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मामले पर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि शहर सरकार को किराए की चिंता है लेकिन शहर की मूलभूत समस्याओं की नहीं। संख्या बल के आधार पर विपक्ष की आवाज को तो दबाया जा सकता है लेकिन जनता की समस्याओं को अनदेखा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम की संपत्तियों को किराए पर देने के मामले में कई सवाल खड़े किए। उधर, भोपाल महापौर मालती राय ने कहा कि यह निर्णय सर्वहित में लिया गया है। जो समस्याएं हैं उन पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और अलग अलग पहल पर काम किया जा रहा है।
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