शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में भीषण गर्मी का आधा सीजन बीत जाने और पानी के लिए मचे हाहाकार के बाद आखिरकार भोपाल नगर निगम प्रशासन की नींद खुली है। पेयजल संकट को लेकर नगर निगम के नवनिर्मित मुख्यालय ‘अटल भवन’ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक से शहर की प्रथम नागरिक यानी महापौर मालती राय खुद नदारद रहीं, जिसे लेकर अब चर्चाओं का बाजार गर्म है। महापौर की अनुपस्थिति में एमआईसी (MIC) मेंबर रवींद्र यति ने बैठक की कमान संभाली और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

कहा- ‘नहीं होने देंगे पानी की कमी’

जब शहर के कई इलाकों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोग परेशान हो चुके हैं, तब जाकर निगम प्रशासन ने जल समीक्षा की है और अब अमले को अलर्ट रहने को कहा गया है। बैठक में दावा किया गया कि इस भीषण गर्मी में भोपालवासियों को पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी और नगर निगम का अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेगा।

जनगणना 2027: मध्यप्रदेश में पहले चरण का टास्क पूरा, 55 जिलों के करीब 55 हजार गांवों में

अवैध पंपों पर चलेगा डंडा

बैठक में पानी की किल्लत और कम प्रेशर की आ रही शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया गया। एमआईसी सदस्य रवींद्र यति ने निर्देश दिए कि अवैध पंपों पर कार्रवाई: शहर के कई इलाकों में असामाजिक तत्व अवैध रूप से डायरेक्ट मोटर पंप लगाकर जलापूर्ति (वाटर सप्लाई) के प्रेशर को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। चेकिंग के दौरान मिलने वाले अवैध मोटर पंपों को तुरंत जब्त करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

टी राजा की सभा पर सोशल मीडिया पर तकरार: पुलिस ने 2 इंस्टाग्राम ID पर दर्ज की FIR,

गंदे पानी की समस्या पर ‘मौन’

हैरान करने वाली बात यह रही कि जहां एक तरफ पानी की किल्लत और अवैध पंपों पर बड़ी-बड़ी बातें हुईं, वहीं भोपाल के कई वार्डों में आ रही गंदे पानी की सप्लाई की गंभीर समस्या पर बैठक में कोई चर्चा तक नहीं की गई।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m