शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 के महाअभियान को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। प्रदेश में जनगणना का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस चरण के तहत राज्य के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) का टास्क पूरा हो गया है।
01 मई से शुरू हुआ था डोर-टू-डोर सर्वे
प्रदेश में पहले चरण के तहत यह काम बीते 01 मई से शुरू किया गया था। इस दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने प्रदेश के सभी गांवों और शहरों में घर-घर (डोर-टू-डोर) जाकर डेटा जुटाया।इस सर्वे के दौरान केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित 33 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए थे। इन प्रश्नों के जरिए:मकानों की वर्तमान स्थिति,परिवारों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं औरउनके पास मौजूद परिसंपत्तियों (Assets) से संबंधित जानकारियां डिजिटल माध्यम यानी मोबाइल ऐप के जरिए कलेक्ट की गईं।
आंकड़े रहेंगे पूरी तरह गोपनीय
अक्सर नागरिकों के मन में डेटा की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं, जिस पर सरकार ने स्थिति साफ की है। इस सर्वे में जुटाई गई सभी जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के कड़े प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। सरकार इन आंकड़ों का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं, बल्कि केवल भविष्य की नीतियां तय करने और जनकल्याणकारी योजनाओं का खाका तैयार करने के लिए ही करेगी।
पहले चरण का पूरा रिपोर्ट कार्ड
मध्यप्रदेश में पहले चरण के तहत व्यापक स्तर पर काम किया गया, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
| क्षेत्र/इकाई | कुल संख्या (जहां सर्वे पूरा हुआ) |
| शामिल जिले | 55 जिले |
| नगरीय निकाय | 425 निकाय |
| तहसीलें | 449 तहसील |
| गांव | 54,923 गांव |
| मकानसूचीकरण ब्लॉक | 1,37,000 से अधिक |
| तैनात स्टाफ (प्रगणक/पर्यवेक्षक) | 1,44,000 से अधिक |
अगले साल फरवरी में शुरू होगा दूसरा चरण
पहले चरण (मकानों की गणना) का काम मुकम्मल होने के बाद अब विभाग अगले पड़ाव की तैयारियों में जुट गया है। इस अभियान का दूसरा चरण अगले साल फरवरी 2027 में शुरू होगा। दूसरे चरण के तहत मुख्य रूप से वास्तविक जनसंख्या (व्यक्तियों) की गणना का काम किया जाएगा।

