कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में बड़े निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सैनी सरकार ने डिफेंस सेक्टर पर बड़ा फोकस किया है। मुंबई में ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ ग्लोबल कैपिटल कैंपेन के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रमुख निवेशकों, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्मों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस की। बैठक में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग समेत कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि डिफेंस सेक्टर को लेकर निवेशकों की ओर से सबसे अधिक रुचि और सुझाव सामने आए हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार जल्द ही डिफेंस सेक्टर से संबंधित नई नीति लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्थानों पर क्लस्टर आधारित विकास की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
हिसार में डिफेंस क्लस्टर की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले बजट में हरियाणा में 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित करने की घोषणा की गई थी और इसके लिए भूमि संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इसी क्षेत्र में डिफेंस क्लस्टर विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के नजदीक हरियाणा क्षेत्र में एक अन्य औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। सरकार का जोर निवेशकों को बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक ढांचा और परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
निवेशकों के सुझावों पर होगा टाइम-बाउंड एक्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राउंड टेबल बैठक में निवेशकों ने अपने अनुभवों के आधार पर कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव दिए हैं। सरकार संबंधित विभागों के साथ मिलकर इन सुझावों को समयबद्ध कार्ययोजना में बदलने का प्रयास करेगी। जहां जरूरत होगी, वहां सुझावों के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट विभागीय जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
भूमि, अप्रूवल और अन्य प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए भी आवश्यक सुधार किए जाएंगे। सैनी ने कहा कि यदि निवेशकों की पोर्टफोलियो कंपनियां हरियाणा में विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), टेक्नोलॉजी या लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अवसर तलाश रही हैं तो सरकार की टीम उनके साथ लगातार संवाद और हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है।
उद्योग की जरूरत के हिसाब से तैयार होगी मैनपावर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को केवल भूमि और सुविधाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। उनकी जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों के साथ जोड़ा जा रहा है।
एमओयू के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे एक ओर उद्योगों को प्रशिक्षित मैनपावर मिलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अप्रैल 2027 में हरियाणा में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट
मुख्यमंत्री सैनी ने निवेशकों और उनकी लीडरशिप टीमों को अप्रैल 2027 में हरियाणा में प्रस्तावित ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुंबई का यह निवेश संपर्क कार्यक्रम इसी बड़े आयोजन की तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य मुंबई समेत देश के प्रमुख कारोबारी केंद्रों से निवेशकों को हरियाणा की ओर आकर्षित करना और निवेश की रुचि को ठोस परियोजनाओं में बदलना है। राज्य सरकार ने इससे पहले भी विभिन्न सेक्टरों के लिए नई नीतियों के जरिए निवेश का माहौल तैयार करने पर जोर दिया है।
इन्वेस्टर फ्रेंडली माहौल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ऐसा निवेश इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है, जहां नीतियों का सरलीकरण, तेज अप्रूवल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मैनपावर और प्रभावी इन्वेस्टर फैसिलिटेशन एक साथ उपलब्ध हों। सरकार की ओर से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम और प्लग-एंड-प्ले मॉडल को भी निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा जा रहा है।
राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में EQT, Warburg Pincus, Premji Invest, Waterfield Advisors, 360 ONE, Samara Capital, IvyCap Ventures, Oman India Joint Investment Fund, BlackSoil, Global South Capital, Atomic Capital, Unicorn VC समेत कई प्रमुख निवेश फर्मों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने सुझाव दिए।
निवेशकों ने हरियाणा की उद्योग हितैषी नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे, निवेश प्रोत्साहनों और प्लग-एंड-प्ले मॉडल की सराहना की। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों के जरिए प्रदेश में बड़े निवेश के साथ गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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