Rajasthan News: राजस्थान के करौली नगर परिषद में PM Awas Yojana (Urban) को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि गरीब और बेघर परिवारों के लिए बनाई गई योजना का लाभ नगर परिषद कर्मचारियों के रिश्तेदारों, ठेकेदारों के परिजनों और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक पहुंचा।

मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। जिला प्रशासन ने भी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। लेकिन करौली नगर परिषद की लाभार्थी सूची पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतों के अनुसार, सूची में नगर परिषद के बाबुओं के भाई-बहन, रिश्तेदार, ठेकेदारों के परिवार और पहले से पक्के मकान में रहने वाले लोगों के नाम भी शामिल हैं। आरोप यह भी है कि कुछ लाभार्थी पहले से बहुमंजिला मकानों में रह रहे हैं और उनके घरों में आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं।
496 लाभार्थियों को जारी हुईं किस्तें
- 496 लाभार्थियों को पहली किस्त मिली।
- 485 को दूसरी किस्त जारी हुई।
- 431 को तीसरी किस्त मिली।
- 359 लाभार्थियों को चौथी किस्त जारी की गई।
रिकॉर्ड के मुताबिक 407 मकानों का निर्माण पूरा बताया गया है। वहीं 412 मकान छत स्तर तक पहुंच चुके हैं और 449 मकानों में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है।
47 मकानों को लेकर उठे सवाल
मामले में 47 ऐसे लाभार्थियों पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनके मकानों का निर्माण पूरा नहीं हुआ। नगर परिषद का कहना है कि संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिन अपात्र लोगों ने योजना का लाभ लिया, उनके खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
एक ही परिवार के सदस्यों को लाभ
जांच में ऐसे मामलों का भी दावा किया जा रहा है, जहां एक ही परिवार के दो, तीन या उससे अधिक सदस्यों के नाम पर अलग-अलग आवास स्वीकृत किए गए। शिकायतों में पति-पत्नी, भाई-बहन और अन्य रिश्तेदारों को भी योजना का लाभ मिलने की बात कही गई है। यदि जांच में यह सही पाया जाता है तो यह योजना के पात्रता नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
विधायक ने निष्पक्ष जांच की मांग की
करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने कहा कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि नगर परिषद के कर्मचारियों, उनके रिश्तेदारों या अन्य अपात्र लोगों ने नियमों के विरुद्ध योजना का लाभ लिया है, तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
जांच के लिए जिला स्तर पर समिति
जिला प्रशासन की ओर से एडीएम एवं प्रशासक महावीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए जिला स्तर पर समिति बनाई जाएगी। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त प्यारेलाल सोथवाल ने कहा कि कलेक्टर स्तर पर जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या हैं प्रधानमंत्री आवास योजना के नियम?
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण की प्रगति के आधार पर चरणबद्ध तरीके से किस्तें जारी की जाती हैं। पहली किस्त निर्माण शुरू होने पर, जबकि दूसरी, तीसरी और अंतिम किस्त निर्माण के अलग-अलग चरण पूरे होने के बाद जारी होती है। ऐसे में यदि किसी अपात्र व्यक्ति ने योजना का लाभ लिया है, तो इसकी विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
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