राकेश कथूरिया, कैथल। हरियाणा के कैथल के निवासियों के लिए जमीन-जायदाद से जुड़ा एक बड़ा और राहत भरा अपडेट आया है। अब आपको अपनी दुकान, मकान, प्लॉट या कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने के बाद इंतकाल यानी म्यूटेशन दर्ज करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। हरियाणा सरकार ने पूरे राज्य के साथ-साथ कैथल जिले की सभी तहसीलों में ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ से इस बेहद खास डिजिटल सर्विस का शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था के लागू होते ही अब पुरानी कागजी और मैन्युअल प्रक्रिया पूरी तरह खत्म हो गई है।

सरकारी दफ्तरों की दौड़ होगी खत्म, ऑनलाइन दिखेगा स्टेटस

इस नई पहल को लेकर जिला सचिवालय में कैथल की डीसी अपराजिता ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।

आम जनता को तय समय सीमा के भीतर इस नई ऑनलाइन सुविधा का लाभ

बैठक में उन्होंने साफ निर्देश दिए कि आम जनता को तय समय सीमा के भीतर इस नई ऑनलाइन सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। डीसी ने बताया कि पहले लोगों को रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन की एंट्री करवाने के लिए पटवार भवन जाना पड़ता था, जिससे उनका कीमती समय बर्बाद होता था और काम में भी देरी होती थी। अब नया सिस्टम लागू होने से रजिस्ट्री होते ही इंतकाल अपने आप ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। आम लोग अब घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से अपने म्यूटेशन का स्टेटस चेक कर सकते हैं और इसकी डिजिटल कॉपी का प्रिंट भी निकाल सकते हैं।

सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए पहचान का डिजिटल सत्यापन जरूरी

प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में कई अहम बदलाव किए हैं। अब जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया गया है। कोई भी नागरिक अब खुद अपने कंप्यूटर से, डीड राइटर के जरिए, वकील के माध्यम से या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर इस सर्विस के लिए आवेदन कर सकता है।

डिजिटल सत्यापन अनिवार्य

धोखाधड़ी को रोकने के लिए नए नियम के तहत आवेदन में पहचान का डिजिटल सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, यदि कोई जमीन मालिक या एनआरआई खुद तहसील में उपस्थित नहीं हो सकता, तो वह कानूनी रूप से एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकता है। डीसी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि पुराने लंबित पड़े मामलों का भी तुरंत निपटारा किया जाए ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन सहित जिले के सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार मौजूद रहे।