औरंगाबाद। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शैक्षणिक सत्र 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर एक निर्देश जारी किया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि आगामी परीक्षाओं में पंजीकरण के लिए अब छात्रों का ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) और यू-डाइस प्लस कोड (U-DISE Plus Code) होना अनिवार्य है। इन दोनों दस्तावेजों के बिना विद्यार्थियों का पंजीकरण संभव नहीं होगा, जिससे उनके भविष्य पर संकट आ सकता है।

​30 जून तक का है अंतिम मौका

​परीक्षा समिति ने राज्य भर के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि नौवीं से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी हर हाल में 30 जून तक तैयार कर ली जाए। यह प्रक्रिया समय पर पूरी करना अनिवार्य है, ताकि छात्रों को बोर्ड परीक्षा में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

औरंगाबाद जिले में प्रगति की स्थिति

औरंगाबाद जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो 24 जून की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 96,232 विद्यार्थियों की प्रविष्टि की गई है, जिनमें से 82,795 विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेट हो चुकी है। यह पिछले साल के नामांकन का कुल 62 प्रतिशत है। शिक्षा विभाग अब शेष 38 प्रतिशत छात्रों का विवरण जुटाने में लगा है।

​प्रखंडवार प्रदर्शन: हसपुरा आगे, सदर पिछड़ा

​प्रखंडों की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, हसपुरा प्रखंड 72 प्रतिशत कार्य पूरा करके जिले में प्रथम स्थान पर है। वहीं, बारुण और देव 71 प्रतिशत के साथ दूसरे पायदान पर हैं। इसके विपरीत, रफीगंज (51%) और औरंगाबाद सदर (50%) की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करना शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

​पंजीकरण के लिए अनिवार्य शर्तें

​बोर्ड ने सख्त लहजे में कहा है कि पंजीकरण, सूचीकरण और परीक्षा आवेदन फॉर्म भरते समय संबंधित विद्यालय को यू-डाइस प्लस कोड के साथ-साथ प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। यदि किसी विद्यालय में यह प्रक्रिया अधूरी रहती है, तो संबंधित छात्रों का पंजीकरण रुक सकता है। शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे शेष बचे विद्यार्थियों की आईडी जनरेशन का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करें, ताकि कोई भी विद्यार्थी परीक्षा प्रक्रिया से वंचित न रहे।