सीतामढ़ी/ छपरा। बिहार के दो प्रमुख जिलों छपरा और सीतामढ़ी में शुक्रवार को भारी उपद्रव, आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमलों की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इन हिंसक प्रदर्शनों के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। दोनों ही स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा है, जबकि प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

​छपरा में उग्र प्रदर्शन, डीएम ऑफिस तक पहुंचे उपद्रवी

​छपरा में स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब आक्रोशित उपद्रवियों ने सड़कों पर उतरकर जमकर तांडव मचाया। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह आगजनी और पथराव की घटनाओं को अंजाम दिया। कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए उपद्रवियों ने सीधे तौर पर पुलिस बल को निशाना बनाया और उन पर पथराव किया।
​हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। सुरक्षा बलों के तमाम प्रयासों के बावजूद उग्र भीड़ अनियंत्रित होकर सीधे जिला मुख्यालय यानी डीएम ऑफिस तक जा पहुंची। इस दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। फिलहाल, प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

​सीतामढ़ी में भारी हंगामा, तोड़फोड़ और गाड़ी में आगजनी

​दूसरी ओर, सीतामढ़ी जिले से भी भारी हंगामे और हिंसा की खबर है। यहां भी जगह-जगह पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तनावपूर्ण माहौल के बीच उपद्रवियों ने एक विशेष राजनीतिक दल को निशाना बनाया।
​भीड़ ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़ी एक कथित गाड़ी को घेर लिया और उसमें जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद उपद्रवियों ने वाहन में आग लगा दी, जिससे गाड़ी जलकर खाक हो गई। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों और स्थानीय स्तर पर गहमागहमी काफी बढ़ गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शहर के मुख्य मार्गों और संवेदनशील चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या नई हिंसा को रोका जा सके।

​प्रशासन की अपील और वर्तमान स्थिति

​बिहार के इन दोनों जिलों में हुई हिंसा के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस प्रशासन वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों से उपद्रवियों की शिनाख्त करने में जुट गया है ताकि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके। हालात अभी तनावपूर्ण लेकिन पुलिस के नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।