पटना। राजधानी के ऊर्जा ऑडिटोरियम में शनिवार को आयोजित ‘AI समिट’ के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश के भविष्य, प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार अब बदलाव की नई इबारत लिख रहा है, जिसमें लापरवाही और अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है।
अफसरों की मनमानी पर लगाम: 30 दिन में सस्पेंशन
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुस्ती पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने एक स्पष्ट ‘डेडलाइन’ तय की है:
- यदि कोई अधिकारी 10 दिनों में कार्य निष्पादित नहीं करता है, तो उसे CMO से नोटिस भेजा जाएगा।
- अगले 20 और 25 दिनों में चेतावनी के बाद, 30वें दिन मुख्यमंत्री के आदेश से वह अधिकारी सीधे निलंबित कर दिया जाएगा।
- उनका लक्ष्य विक्रमशिला जैसी ऐतिहासिक विरासत को पुनः गौरवशाली बनाना और तकनीक के माध्यम से पंचायतों तक सुशासन पहुंचाना है।
अपराधी का कोई जाति-धर्म नहीं: पुलिस को खुली छूट
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सीएम ने साफ किया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस को पूरी छूट दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, “अपराधी किसी भी जाति या धर्म का हो, वह केवल अपराधी है।” नीतीश सरकार की सुशासन नीति को दोहराते हुए उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि जो अपराधी पुलिस को चुनौती दे, उसे 48 घंटे के भीतर करारा जवाब मिले। आरजेडी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने तकनीक का उदाहरण दिया कि यदि AI को निर्देशित किया जाए, तो वह अपराधियों को उनकी पहचान से पकड़ सकता है, चाहे वे किसी भी आवरण में छिपे हों।
प्रवासी बिहारियों से जुड़ने की अपील
सम्राट चौधरी ने राज्य से बाहर रह रहे प्रवासियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जो जहां है, वहीं से अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान दे। उन्होंने कहा, आप अपनी कर्मभूमि में रहकर भी जन्मभूमि का कर्ज उतार सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि बिहार के लोग वापस लौटकर राज्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।


एंट्री को लेकर हंगामा
समिट के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब सभागार की क्षमता से अधिक युवा पहुंच गए। प्रवेश न मिलने पर छात्रों ने गेट पर हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पटना के डीएम, एसएसपी और सेंट्रल एसपी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। उल्लेखनीय है कि इस बार सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ पहली बार बाउंसरों की भी तैनाती की गई थी।

