कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़ | कागजों में सब कुछ ठीक दिख रहा था। बच्चों को बेहतर खान-पान, साफ-सफाई और देखभाल के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। लेकिन जब मंत्री खुद अचानक बच्चों के बीच पहुंचीं, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आने लगी। नन्हें बच्चों से सीधे सवाल पूछे गए, व्यवस्थाओं को करीब से देखा गया और फिर जो सामने आया, उसने अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा दीं।
निरीक्षण के दौरान माहौल उस वक्त बदल गया, जब मंत्री ने बच्चों से बातचीत शुरू की। उन्होंने पूछा—खाना कैसा मिलता है? समय पर सब कुछ मिलता है या नहीं? देखभाल ठीक होती है? बच्चों के जवाब और मौके की स्थिति देखने के बाद कई जगह व्यवस्थाओं में खामियां नजर आईं। इसके बाद अधिकारियों को मौके पर ही सख्त संदेश दे दिया गया कि बच्चों के मामले में किसी तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
दरअसल हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री Shruti Choudhry ने आंगनवाड़ी केंद्रों, क्रेच, बाल देखभाल संस्थानों और शिशु निकेतन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद कर उन्हें मिलने वाली सुविधाओं, खान-पान और देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आने पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बच्चों के खान-पान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने और केंद्रों की व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार लाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर देखभाल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। मंत्री के इस औचक निरीक्षण के बाद विभागीय अमले में हलचल तेज हो गई है।

