कुंदन कुमार, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश की आर्थिक दिशा और औद्योगिक प्रगति पर एक विस्तृत संवाद किया है। उन्होंने घोषणा की है कि राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और आने वाले समय में बिहार एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
5 लाख करोड़ का मेगा निवेश
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य में उद्योगों का तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकार के प्रयासों से इस वर्ष बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आज 14 करोड़ की आबादी बिहार के लिए एक बड़ी शक्ति है, जिसका सकारात्मक लाभ विकास की योजनाओं में लिया जा रहा है।
आत्मनिर्भर बिहार की ओर कदम
शराबबंदी के बावजूद बिहार की अर्थव्यवस्था की निरंतर बढ़ती रफ्तार पर मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी (GST) की सुदृढ़ व्यवस्था और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ आत्मनिर्भर होकर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता और ऋण का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
जन कल्याण और सामाजिक सुरक्षा
वेतन और पेंशन के भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी का भी पैसा नहीं रुका है। तकनीकी कारणों (UC) से हुई अस्थायी देरी को ठीक कर दिया गया है और कल ही दिल्ली से 94 लाख परिवारों को पेंशन जारी की गई है। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं को दिए गए 33 प्रतिशत आरक्षण के कारण आज देश में एक करोड़ महिलाएं लखपति बनी हैं, जिनमें से 30 लाख महिलाएं अकेले बिहार से हैं।
सुरक्षा और लंबित परियोजनाओं का समाधान
नक्सलवाद को बिहार के लिए नासूर करार देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वे स्वयं उस क्षेत्र से आते हैं जिसने इस हिंसा को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की सराहना की। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि राज्य में अटकी पड़ी सभी बड़ी परियोजनाओं की वे स्वयं समीक्षा करेंगे ताकि प्रदेश के विकास में कोई बाधा न रहे। भारत की अर्थव्यवस्था के विश्व में 5वें स्थान पर पहुंचने का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को दिया और कहा कि बिहार भी इसी गति से आगे बढ़ रहा है।

