Bihar News: बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने नामांकन को लेकर लापरवाही बरतने के मामले में सीवान जिले के 106 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के 700 से अधिक शिक्षकों का वेतन भुगतान पर फिलहाल रोक लगाने का फैसला लिया है। विभागीय समीक्षा में नामांकन अभियान के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रभावित शिक्षकों में प्रधानाध्यापक से लेकर प्रधान शिक्षक और बीपीएससी द्वारा नियुक्त शिक्षक भी शामिल हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर स्थापना शाखा ने वेतन भुगतान रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नामांकन बढ़ाने की दी गई थी जिम्मेदारी
नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। विभाग की ओर से पहली कक्षा में अधिक से अधिक नए छात्रों को जोड़ने पर विशेष रूप से जोर दिया गया था। इसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने, अभिभावकों को जागरूक करने और स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
समीक्षा में सामने आई कमियां
विभागीय जांच के दौरान पाया गया कि कई विद्यालयों ने नामांकन अभियान को गंभीरता से नहीं लिया। निर्धारित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी रही, जिसका असर नामांकन आंकड़ों पर भी दिखाई दिया। कई क्षेत्रों में पात्र बच्चों को स्कूलों तक लाने का प्रयास भी नहीं किया गया, जिसके बाद विभाग ने यह बड़ा फैसला लिया है।
शिक्षा विभाग ने माना गंभीर चूक
शिक्षा विभाग ने इसे प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर चूक माना है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल संबंधित शिक्षकों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
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