कुंदन कुमार/पटना। बिहार में हाल के दिनों में हुए एनकाउंटरों को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। राजद के वरिष्ठ विधायक और मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रदेश में हुए सभी एनकाउंटरों को ‘फेज’ करार दिया है। उन्होंने इन घटनाओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है।

​एनकाउंटर पर दोहरा मापदंड: भाई वीरेंद्र

​राजद विधायक ने अपनी प्रेस वार्ता के दौरान एनकाउंटर को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति प्रशासन के दोहरे रवैये का आरोप लगाया। भाई वीरेंद्र ने तल्ख लहजे में कहा कि जब किसी दलित की एनकाउंटर में मौत होती है तो प्रशासन उसे फौरन नक्सली घोषित कर देता है। वहीं जब किसी अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति का एनकाउंटर किया जाता है तो उसे आतंकवादी का नाम देकर कनेक्शन जोड़ा जाता है। इसके उलट, यदि किसी सवर्ण (फॉरवर्ड) व्यक्ति का एनकाउंटर होता है, तो उन्हें शहीद का दर्जा दिलाने की मांग उठाई जाती है।

​न्यायिक जांच की मांग

​विधायक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यह दोहरी नीति अब और नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रशासन का काम कानून का पालन कराना है न कि अपने विवेक से किसी को अपराधी घोषित कर मार गिराना। भाई वीरेंद्र ने मांग की कि प्रदेश में हुए हर एनकाउंटर की न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
​यह बयान आने वाले समय में बिहार की कानून-व्यवस्था पर चल रही बहस को और अधिक तीखा बनाने वाला है जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।