कुंदन कुमार, पटना। राहत और बचाव कार्यों के बीच मुख्यमंत्री सचिवालय में राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खुद लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके निपटारे के निर्देश दिए। विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें सबसे ज्यादा मामले जमीन विवाद से जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री ने इन मामलों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात की और समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।

बिहार में इस समय गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के उफान ने भीषण तबाही मचा रखी है। राज्य के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतें इसकी चपेट में हैं, जिससे करीब 22.42 लाख आबादी प्रभावित हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है। नदियां लगातार उफान पर हैं और कई जगहों पर रिकॉर्ड जलस्तर दर्ज किया गया है।

​प्रमुख नदियों का बढ़ता जलस्तर और टूटा रिकॉर्ड

​राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर रिकॉर्ड 50.57 मीटर पर पहुंच गया है, जिसने साल 2016 के 50.52 मीटर के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस भयंकर जलस्तर के कारण पटना सिटी के कई निचले मोहल्लों में पानी घुस गया है। इसके अलावा, हथिदह में भी गंगा ने साल 2021 के 43.52 मीटर के उच्च स्तर को पार कर लिया है। पुनपुन नदी के इलाकों में भी कई नए गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। पटना जिले में पुनपुन, दरधा और महत्माईन नदियों के दबाव के चलते कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

​तटबंध टूटने से गांवों में तबाही और संपर्क कटा

​अन्य जिलों की बात करें तो छपरा के दरियापुर में मही नदी का तटबंध 20 फीट तक टूट गया, जिससे कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए। भागलपुर के अकबरनगर में रिंग बांध के ओवरफ्लो होने से सुल्तानगंज की 9 पंचायतों के करीब 4 हजार घर पानी में डूब गए हैं। पानी के तेज बहाव के कारण भागलपुर से सुल्तानगंज जाने वाले एनएच-80 पर आवाजाही रोक दी गई है और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। इस रास्ते के बंद होने से दक्षिणी इलाके का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

​मुख्यमंत्री का हवाई सर्वे और जन-संवाद

​हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री लगातार प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में वे सोमवार को सोमपुर पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे कम्युनिटी किचन का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आम लोगों के साथ खड़े होकर दाल-चावल खाया और उनसे खाने की गुणवत्ता व अन्य परेशानियों के बारे में सीधी बातचीत की।