पटना। बिहार सरकार ने राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश में जारी ऊर्जा संकट और रसोई गैस (LPG) की आसमान छूती कीमतों के बीच, अब जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयला वितरित करने का आदेश जारी किया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा लिया गया यह फैसला ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के जरूरतमंदों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
वैश्विक तनाव और घरेलू संकट का समाधान
सरकार के इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां हैं। दक्षिण-पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप भारत में न केवल LPG की उपलब्धता पर असर पड़ा है, बल्कि इसकी कीमतों में भी वृद्धि देखी गई है। गरीब परिवारों के लिए रसोई गैस का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण हो गया था, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने कोयले को एक प्रभावी वैकल्पिक ईंधन के रूप में पेश किया है।
BPL कार्ड धारकों के लिए बड़ी सौगात
इस योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने इसे जनकल्याणकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को राहत पहुंचाना है। खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए खान एवं भूतत्व विभाग और परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में वितरण की रूपरेखा तैयार करें।
किसे और कैसे मिलेगा लाभ?
यह सुविधा मुख्य रूप से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आने वाले लाभार्थियों के लिए है। सरल शब्दों में, जिनके पास वैध राशन कार्ड है और जो PDS केंद्रों से अनाज प्राप्त करते हैं, वे अब निर्धारित मात्रा में कुकिंग कोयला भी खरीद सकेंगे। सरकार ने निर्देश दिया है कि कोयले की आपूर्ति और भंडारण की जिम्मेदारी ‘बिहार राज्य खाद्य निगम लिमिटेड’ (BSMCL) की होगी, जबकि परिवहन विभाग खदानों से लेकर वितरण केंद्रों तक कोयला पहुंचाने का काम देखेगा।
प्रशासनिक मुस्तैदी और उद्देश्य
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रशासन को इस योजना में पूर्ण पारदर्शिता बरतने को कहा गया है। जिला आपूर्ति अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश मिला है ताकि कालाबाजारी की कोई गुंजाइश न रहे। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि ऊर्जा संकट के इस दौर में कोई भी गरीब परिवार बुनियादी जरूरत यानी ‘भोजन पकाने’ से वंचित न रहे। यह पहल न केवल आर्थिक बोझ कम करेगी, बल्कि ईंधन के संकट काल में एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगी। बिहार सरकार की यह सक्रियता दिखाती है कि वह आपदा और संकट की स्थिति में अपने नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है।
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