कुंदन कुमार, पटना। नेपाल के काठमांडू में अचानक आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड यानी आकस्मिक बाढ़ के बीच फंसे महाराष्ट्र के लगभग 100 तीर्थयात्रियों के लिए बिहार सरकार एक बड़ा और भरोसेमंद सहारा बनकर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार की विशेष अपील पर त्वरित मानवीय कदम उठाते हुए बिहार प्रशासन ने इन सभी नागरिकों को न सिर्फ सुरक्षित निकाला, बल्कि उनके सकुशल गृह वापसी की मुकम्मल व्यवस्था भी सुनिश्चित की।
नेपाल सीमा से सुरक्षित निकासी और सीतामढ़ी में राहत शिविर
आपदा की इस गंभीर स्थिति में माननीय मुख्यमंत्री बिहार के स्पष्ट निर्देशों और मुख्य सचिव तथा प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के निरंतर मार्गदर्शन में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई। इसके तहत सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने 28 अगस्त 2026 को तुरंत ऐक्शन लेते हुए नेपाल सीमा पर फंसे सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित एस्कॉर्ट कर सीतामढ़ी पहुंचाया। सीमा पार करते ही इन सभी यात्रियों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और अन्य बुनियादी जरूरतों का पूरा इंतजाम किया गया ताकि उनकी थकावट और मानसिक तनाव को कम किया जा सके।
पटना में रात्रि विश्राम, चिकित्सा और विशेष प्रशासनिक इंतजाम
प्राथमिक राहत के बाद जिला प्रशासन ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत सभी तीर्थयात्रियों को 29 अगस्त की भोर में यानी लगभग 02:30 बजे सीतामढ़ी से राजधानी पटना सुरक्षित पहुंचाया। पटना जिला प्रशासन ने ओ०पी० साह सामुदायिक भवन में इन सभी यात्रियों के ठहरने के लिए बेहतरीन व्यवस्था की। यहां पहुंचने पर न सिर्फ उनके रात के भोजन और आवासन का ध्यान रखा गया, बल्कि डॉक्टरों की टीम द्वारा उनकी आवश्यक चिकित्सा जांच भी कराई गई ताकि सफर से पहले किसी भी यात्री को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो।
रेलवे बोर्ड से समन्वय और ट्रेन में अतिरिक्त बोगियों की व्यवस्था
तीर्थयात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए मुख्य सचिव, बिहार सरकार ने व्यक्तिगत रूप से रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के अध्यक्ष के साथ उच्चस्तरीय समन्वय स्थापित किया। इस पहल के परिणामस्वरूप पटना-पूर्णा एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त विशेष बोगियां जोड़ी गईं। इसके बाद, 29 अगस्त की सुबह ठीक 07:30 बजे सभी 100 तीर्थयात्रियों को इस विशेष व्यवस्था के जरिए उनके गृह राज्य महाराष्ट्र के लिए पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ विदा किया गया।
संकट के समय बिहार सरकार की संवेदनशीलता पर तीर्थयात्रियों की सराहना
अपने ऊपर आए इस अप्रत्याशित संकट से सुरक्षित बाहर निकलने और बिहार सरकार द्वारा की गई आतिथ्य सत्कार व मदद को पाकर महाराष्ट्र से आए सभी तीर्थयात्री बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने सीतामढ़ी और पटना जिला प्रशासन के साथ-साथ बिहार सरकार की इस अद्भुत तत्परता, संवेदनशीलता और बेहतरीन तालमेल की खुले दिल से प्रशंसा की। संकट की इस घड़ी में जिस प्रकार बिहार सरकार ने बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य को अंजाम दिया, उसने एक बार फिर देश के संघीय ढांचे और आपसी सहयोग की मिसाल को और अधिक मजबूत कर दिया है।


