Bihar news: बिहार के हाजीपुर से एक मामला सामने आया है जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कहानी संघर्ष त्याग और अंत में धोखे की है। वैशाली जिले के रहने वाले अमन कुमार ने अपनी पत्नी गुंजन कुमारी को सरकारी शिक्षक बनाने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेच दी लेकिन पत्नी की सफलता के बाद परिवार बिखर गया।
संघर्ष और त्याग की दास्तां
अमन और गुंजन का विवाह वर्ष 2013 में हुआ था। शादी के बाद अमन ने अपनी पत्नी के सपनों को पंख देने की ठानी। उन्होंने दिन-रात मेहनत मजदूरी की और अपनी पत्नी की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया। पति की इसी मेहनत और आर्थिक सहयोग का परिणाम था कि गुंजन का चयन सरकारी शिक्षक के पद पर हो गया। दम्पति का एक बेटा भी है जिसका भविष्य अब इस विवाद के कारण अधर में लटका हुआ है।
कॉलेज के दोस्त के साथ बनाई नई राह
आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलते ही गुंजन के व्यवहार में बदलाव आने लगा। अमन का दावा है कि उनकी पत्नी अपने कॉलेज के एक पुराने दोस्त, प्रेम प्रकाश जायसवाल के संपर्क में थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि गुंजन और प्रेम प्रकाश एक ही बैच में ट्रेनिंग का हिस्सा रहे जहां से उनकी नजदीकियां बढ़ीं। शिक्षिका बनने के बाद गुंजन ने अपने पति और परिवार को छोड़कर उसी प्रेम प्रकाश के साथ जीवन बिताने का निर्णय ले लिया।
कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग
अमन कुमार ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए हाजीपुर में धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। अमन का आरोप है कि गुंजन ने न केवल उनके विश्वास को तोड़ा बल्कि एक सुखी परिवार को भी उजाड़ दिया। फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस प्रकरण ने एक बार फिर से सफलता के बाद रिश्तों में दरार जैसे संवेदनशील विषय को समाज के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। पति अब कानूनी रास्ते से न्याय की गुहार लगा रहा है जबकि पूरा इलाका इस घटना से स्तब्ध है।

