पटना/समस्तीपुर। बिहार में बुधवार का दिन प्राकृतिक आपदाओं के नाम रहा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से एक बच्चे सहित कुल 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं दूसरी ओर नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश ने बिहार की नदियों की चिंता बढ़ा दी है। कोसी, गंडक और कमला जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं।
गयाजी: स्कूल जाते छात्रों पर गिरी बिजली
गया जिले में एक घटना सामने आई जहां उत्क्रमित प्लस-2 विद्यालय, बीटी बीघा के तीन छात्र स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान अचानक वज्रपात की चपेट में आने से 12 वर्षीय छात्र अंकुश राज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में गुड्डू कुमार और अमित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

समस्तीपुर में भी मातम
समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड में भी बिजली गिरने से दो अलग-अलग घटनाएं हुई। लगमा गांव में खेल रहे बच्चों पर बिजली गिरने से 14 वर्षीय रंजीत कुमार की जान चली गई और 16 वर्षीय सोनू कुमार बुरी तरह झुलस गया। वहीं रायपुर बुजुर्ग पंचायत में खेत में काम कर रही 40 वर्षीय कारी देवी की वज्रपात की चपेट में आने से मृत्यु हो गई।
नेपाल की बारिश से बाढ़ का खतरा
नेपाल में जारी भारी बारिश का सीधा असर बिहार की जल संरचना पर पड़ा है। कोसी, गंडक और कमला नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मंगलवार को नदियों में पानी का प्रवाह इस साल के उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 फाटकों को आंशिक रूप से खोलकर 1.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों और वाल्मीकिनगर के जंगलों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को पटना, पूर्णिया और जहानाबाद सहित कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहा और रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई।

