Jodhpur School Protest: राजधानी दिल्ली में Gen Z के आंदोलन के बाद अब राजस्थान के जोधपुर जिले से Generation Alpha के प्रदर्शन का मामला सामने आया है। लूणी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अरणी नाड़ी, मंगलनगर में छात्रों ने गणित और इतिहास के लेक्चरर की मांग को लेकर स्कूल पर ताला जड़ दिया और सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो लेक्चरर को डेपुटेशन पर नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए।

स्कूल पर ताला लगाकर सड़क पर बैठे छात्र

गुरुवार को विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई के लिए व्याख्याताओं की नियुक्ति की मांग करते हुए स्कूल का गेट बंद कर दिया और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा का यह बयान भी चर्चा में रहा कि चपरासी हमें पढ़ाते हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाकर प्रदर्शन समाप्त कराया।

वीडियो वायरल होने के बाद दो लेक्चरर की नियुक्ति

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) शमीम ने बताया कि विद्यालय में कुल 167 छात्र अध्ययनरत हैं। यहां अध्यापकों के 12 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 11 पद भरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि गणित के शिक्षक का प्रमोशन होने के बाद स्थानांतरण हो गया था और उसकी वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। हालांकि छात्रों की मांग को देखते हुए शुक्रवार को गणित और इतिहास विषय के लिए दो लेक्चरर डेपुटेशन पर लगाने के आदेश जारी कर दिए गए।

क्यों नहीं थे पहले लेक्चरर?

सीबीईओ शमीम के अनुसार, जो माध्यमिक विद्यालय हाल के वर्षों में उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत हुए हैं, उनमें नियमित रूप से लेक्चरर नियुक्त नहीं किए गए हैं। इसी कारण इस विद्यालय में भी पहले व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं हुई थी।

चपरासी पढ़ा नहीं रहा था

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर शिक्षा विभाग ने भी सफाई दी है। सीबीईओ शमीम ने बताया कि विद्यालय में हाल ही में नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रमेश गोदारा उच्च शिक्षित हैं और उनके पास एमएससी तथा बीएड की योग्यता है। उन्हें केवल स्कूल की साफ-सफाई और अन्य निर्धारित कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी किसी दिन केवल बच्चों से मिलने कक्षा में गया था। वीडियो में बयान देने वाली छात्रा ने विभागीय अधिकारियों को बताया कि उसने किसी के प्रभाव में आकर ऐसा कहा था। विभाग का कहना है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी छात्रों को पढ़ा नहीं रहा था।

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