कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच का गठबंधन टूटने के कगार पर पहुंच गया है। दोनों दलों के बीच सीटों के तालमेल को लेकर खींचतान तेज हो गई है। राजद द्वारा एकतरफा उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने के बाद अब कांग्रेस भी आक्रामक रुख अपनाते हुए सभी 8 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है।
राजद की एकतरफा सूची से तकरार
बिहार विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के आगामी चुनाव के लिए राजद ने अपने 6 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। राजद द्वारा जारी सूची में पटना शिक्षक क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोशी स्नातक से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा, सारण शिक्षक से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि राजद ने उम्मीदवारों की घोषणा से पहले कांग्रेस से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया, जिससे गठबंधन के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सभी 8 सीटों पर अकेले उतरने की तैयारी में कांग्रेस
सहयोगी दल द्वारा बिना पूछे सूची जारी किए जाने के बाद कांग्रेस की शीर्ष लीडरशिप ने भी सभी 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। शनिवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के स्टेट हेडक्वार्टर में संभावित उम्मीदवारों के साक्षात्कार (इंटरव्यू) लिए हैं। हालांकि, अभी नामों को गोपनीय रखा गया है, लेकिन पार्टी कभी भी अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर सकती है।
राजद ने दो सीटें फिलहाल रोकीं
इस सियासी खींचतान के बीच राजद ने अभी भी दो सीटों पर पत्ते नहीं खोले हैं, जिसमें कोसी शिक्षक और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। दरभंगा शिक्षक सीट से वर्तमान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा एमएलसी हैं। राजद की सूची में इन दोनों सीटों पर फिलहाल विचार करने की बात कही गई है, लेकिन कांग्रेस इस एकतरफा रवैये के बाद अब किसी भी समझौते के मूड में नजर नहीं आ रही है।



