Weather news: बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने आज (बुधवार को) प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही राजधानी पटना समेत लगभग 8 जिलों में सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही से कुछ इलाकों में उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

​पटना और आसपास के जिलों में मौसम का हाल

​राजधानी पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बादलों और धूप की लुकाछिपी जारी है। मंगलवार को दिनभर पटना में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि राजधानी का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
​मंगलवार को ही खगड़िया जिले में जहां तेज बारिश दर्ज की गई, वहीं सुबह-सुबह सीतामढ़ी और कटिहार में भी झमाझम बौछारें पड़ीं। नालंदा और वैशाली जैसे जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहने से मौसम सुहाना बना रहा। वर्तमान में पटना, पूर्णिया, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और जहानाबाद जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

​तापमान में वृद्धि और आगे का पूर्वानुमान

​मौसम विभाग के मुताबिक, आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम आंशिक रूप से सामान्य रहेगा और धूप निकलने के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे हल्की उमस महसूस हो सकती है।
​हालांकि राहत का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 25 जुलाई के बाद पटना, समस्तीपुर, वैशाली, भोजपुर, बक्सर, जहानाबाद और उनके आसपास के इलाकों में एक बार फिर व्यापक स्तर पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

​नेपाल में भारी बारिश से उफान पर कोसी और गंडक नदियां

​बिहार के अंदरूनी हिस्सों में हो रही बारिश के अलावा पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तर बिहार की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल से पानी छोड़े जाने और कैचमेंट एरिया में बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियां कोसी और गंडक उफान पर हैं। जल संसाधन विभाग और बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी टीमें इन दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।