पटना। बिहार के सभी नगर निकायों में ‘सशक्त स्थायी समिति’ के गठन की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने नई समय-सारिणी जारी करते हुए सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि वे 26 मई से 31 मई 2026 के बीच अपने अधीन आने वाले नगर निकायों में चुनाव की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा कर लें।
अब वार्ड पार्षदों के हाथों में चुनाव का अधिकार
पहले सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चयन महापौर या मुख्य पार्षद के स्तर से किया जाता था, जिस पर अक्सर मनमानी और पक्षपात के आरोप लगते थे। इन विवादों को समाप्त करने और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव वार्ड पार्षदों द्वारा किया जाएगा, जो डीएम की देखरेख में गुप्त मतदान के जरिए संपन्न होगा।
अप्रैल में टल गई थी चुनाव प्रक्रिया
विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि पूर्व में यह निर्वाचन 15 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 के बीच निर्धारित था, जिसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन निकायों में 15 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, वहां चुनी गई समितियां यथावत अपना कार्य करती रहेंगी। शेष निकायों में अब नई तारीखों के अनुसार चुनाव कराए जाएंगे।
विकास कार्यों में आएगी तेजी
मंत्री नीतीश मिश्रा ने जोर देते हुए कहा कि सशक्त स्थायी समिति का गठन शहरी प्रशासन को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाएगा। उन्होंने सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए। इस समिति के सक्रिय होने से नगरीय निकायों में विकास योजनाओं के निष्पादन और निर्णय लेने की क्षमता में तेजी आएगी, जिसका सीधा लाभ राज्य के शहरी नागरिकों को मिलेगा।

