कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज उनके सरकारी आवास पर एनडीए (NDA) की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस अहम बैठक में सत्ताधारी गठबंधन की एकजुटता और आगामी चुनावी चुनौतियों पर मंथन किया जाएगा।

​सरकार के तीन महीने के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार के तीन महीने पूरे हो चुके हैं। इस बैठक का मुख्य एजेंडा इन्हीं तीन महीनों के कामकाज की गहन समीक्षा करना है। मुख्यमंत्री सभी विभागों के प्रदर्शन का फीडबैक लेंगे और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करेंगे। विशेष रूप से 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों की अब तक की प्रगति पर चर्चा की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर सरकार की छवि को और मजबूत किया जा सके।

​बांकीपुर उपचुनाव और मिशन एकजुटता

​बैठक का समय काफी रणनीतिक है। राज्य में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की आहट तेज है जहां प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से एनडीए के समक्ष कड़ी चुनौती पैदा हो गई है। भाजपा ने यहां से अभिषेक सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है। एनडीए इस बैठक के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास करेगी कि वह उपचुनाव में पूरी तरह एकजुट होकर उतरेगी। चुनावी रणनीति, प्रचार अभियान और घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय इस चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

​भविष्य की राजनीति: कोऑर्डिनेशन कमिटी पर जोर

​आगामी पंचायत चुनाव और विधान परिषद की रिक्त सीटों के मद्देनजर एनडीए एक कोऑर्डिनेशन कमिटी के गठन पर भी विचार कर रही है। इसका उद्देश्य गठबंधन के सभी पांचों दलों के बीच तालमेल को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इसके अलावा, भरत तिवारी एनकाउंटर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। सरकार ऐसे मामलों में पार्टी नेताओं को एक साझा और अनुशासित स्टैंड लेने का निर्देश दे सकती है ताकि विपक्ष को कोई मौका न मिले।

​नेताओं का जुटान

​इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व विजेंद्र प्रसाद यादव सहित राज्य के सभी मंत्री, विधायक और जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक के समापन के पश्चात मुख्यमंत्री आवास पर भोज का आयोजन किया गया है, जो गठबंधन की एकजुटता और आपसी सौहार्द का प्रतीक बनेगा। कुल मिलाकर, यह बैठक सरकार के प्रदर्शन के मूल्यांकन के साथ-साथ एनडीए को आगामी चुनावों के लिए नई ऊर्जा देने का काम करेगी।