Bihar news: पटना मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (PMCH) में इलाज के लिए आने वाले लाखों मरीजों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस महीने के अंत तक अस्पताल के नए रेडियोलॉजी भवन में अत्याधुनिक जांच मशीनों की सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे अब मरीजों को जटिल जांचों के लिए निजी सेंटरों या राज्य से बाहर जाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा रेडियोलॉजी विभाग
पीएमसीएच के नए रेडियोलॉजी भवन में दो अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीनें और एक उच्च क्षमता वाली रिसर्च आधारित एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है। वर्तमान में मशीनों के इंस्टॉलेशन का कार्य अंतिम चरण में है। विभाग का लक्ष्य है कि इसी महीने के अंत तक इन मशीनों को पूरी तरह क्रियाशील कर दिया जाए ताकि मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके।
शोध और सटीक इलाज में मिलेगी मदद
इन नई मशीनों की विशेषता केवल इनकी गति नहीं बल्कि इनकी तकनीक है। राज्य में पहली बार ऐसी मशीनें लगाई जा रही हैं जो सामान्य जांच के साथ-साथ बीमारियों पर गहन शोध में भी डॉक्टरों की मदद करेंगी। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि इन मशीनों की क्षमता मौजूदा सिस्टम से कहीं अधिक है, जिससे न केवल रिपोर्ट की सटीकता बढ़ेगी बल्कि जटिल से जटिल बीमारियों की पहचान भी बेहद कम समय में संभव हो सकेगी।
24 घंटे और उच्च क्षमता वाली सेवा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन मशीनों के माध्यम से प्रत्येक मशीन पर 24 घंटे में औसतन 100 से अधिक मरीजों की जांच की जा सकेगी। इस व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए बीएमआईसीएल (BMICL) द्वारा प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की तैनाती की जाएगी। आउटसोर्सिंग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले ये कर्मचारी मशीनों के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
गरीब मरीजों के लिए न्यूनतम शुल्क का निर्धारण
मशीनें शुरू होने के बाद रोगी कल्याण समिति की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जांच के लिए शुल्क का निर्धारण करना है। स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को ध्यान में रखते हुए जांच दर को न्यूनतम रखा जाए, ताकि बिहार के आम लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभता से उपलब्ध हो सकें।
प्रतीक्षा सूची से मिलेगी निजात
पीएमसीएच में अब तक जांच मशीनों के अभाव में मरीजों को लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ता था। कई बार मरीजों को जांच के लिए हफ्तों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी होती है। नई मशीनों के आने से यह प्रतीक्षा सूची पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और मरीजों को समय रहते इलाज मिल सकेगा। यह पहल राज्य सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।

