कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार की मंत्री श्वेता गुप्ता ने नेपाल में आई भारी प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस बड़ी त्रासदी में कई लोगों की जान गई है और भारत सरकार लगातार नेपाल की मदद में जुटी हुई है। उन्होंने इस कठिन समय में जान गंवाने वाले लोगों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

​बिहार में बाढ़ का प्रभाव और जिला प्रशासन की मुस्तैदी

नेपाल की इस त्रासदी का असर बिहार के कई हिस्सों पर भी पड़ा है। राज्य की कई नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान तेज कर दिया है। जिन गांवों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहां एनडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान लगातार पानी से घिरे इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित ऊंचे स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग खुद इस पूरे राहत अभियान पर पैनी नजर बनाए हुए है और लगातार हर गतिविधि की मॉनिटरिंग कर रहा है।

​राहत शिविरों और भोजन की पुख्ता व्यवस्था

सरकार की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए जगह-जगह राहत शिविर (रिलीफ कैंप) स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में जिला प्रशासन की तरफ से दिन-रात भोजन की सुचारू व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित हुए मवेशियों और जानवरों के लिए भी चारे का पर्याप्त प्रबंध किया जा रहा है ताकि उन्हें भूखा न रहना पड़े। स्थानीय जनप्रतिनिधि और मंत्री भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि हर पीड़ित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

​जनता से संयम बरतने की अपील

मंत्री श्वेता गुप्ता ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए अपील की है कि इस संकट की घड़ी में घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, और जल्द ही पानी के स्तर में गिरावट आने की संभावना है जिसके बाद हालात सामान्य हो जाएंगे। राज्य सरकार फिलहाल जनता की मुश्किलों को कम करने और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है ताकि जन-धन की न्यूनतम क्षति हो और सभी नागरिक पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।