कुंदन कुमार, पटना। राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में रोजगार के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल करने की ठान ली है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस संबंध में एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि सरकार ने सूबे के एक करोड़ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का ठोस लक्ष्य निर्धारित किया है।
नीतीश कुमार के विजन और निरंतरता पर जोर
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान रेखांकित किया कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के दौरान भी राज्य में युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोलने का काम निरंतर जारी रहा था। शिक्षा, कौशल विकास और प्रशासनिक नियुक्तियों के जरिए हुनरमंद युवाओं को लगातार मंच प्रदान किया गया। सरकार का मानना है कि पिछली विकास यात्रा की नींव पर ही भविष्य की सफल इमारतों का निर्माण किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा कारवां
मौजूदा समय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार उसी सिलसिले को और अधिक आक्रामक और गतिशीलता के साथ आगे बढ़ा रही है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रशासन राज्य के नौनिहालों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। रोजगार सृजन की इस योजना को केवल कागजी घोषणा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि धरातल पर उतारकर तय सीमा के भीतर अमलीजामा पहनाया जाएगा।
रोजगार सृजन की रूपरेखा और प्रतिबद्धता
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य से होने वाले पलायन को रोकना और स्थानीय स्तर पर औद्योगिक व व्यावसायिक अवसर पैदा करना है। आने वाले पांच वर्षों में विभिन्न विभागों, सरकारी रिक्तियों, तकनीकी क्षेत्रों और निजी निवेश के समन्वय से कुल एक करोड़ युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मुहैया कराया जाएगा। प्रशासन का यह कदम न केवल राज्य की आर्थिक तसवीर बदलेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के हुनरमंद युवाओं के लिए नई उम्मीद की किरण लेकर आएगा।



