पटना। बिहार में पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन और उस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की सच्चाई सामने लाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद बिहार के विभिन्न जिलों में छात्रों का आक्रोश देखने को मिला था, जहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, गोलियां चलाईं और कई छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इस पूरी घटना की गहराई से जांच के लिए कांग्रेस आलाकमान ने एक विशेष फैक्ट-फाइंडिंग पैनल का गठन किया है, जो जमीनी स्तर पर जाकर सबूत जुटाएगा।
छह जिलों का दौरा और जांच के मुख्य बिंदु
यह विशेष टीम बिहार के छह प्रमुख जिलों-जहानाबाद, भागलपुर, पूर्णिया, पटना, सीवान और दरभंगा का दौरा कर रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 1 और 2 अगस्त को पार्टी के नेता इन जिलों में रहकर जमीनी हकीकत का जायजा ले रहे हैं। यह पैनल कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा:
- अधिकारियों से मुलाकात: टीम जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी लेगी।
- पीड़ितों से संवाद: गिरफ्तार, हिरासत में लिए गए या घायल छात्रों और उनके परिजनों से मिलकर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे, जरूरत पड़ने पर जेल का दौरा भी होगा।
- घटनास्थल का निरीक्षण: पुलिस कार्रवाई वाले स्थानों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा।
- साक्ष्य जुटाना: एफआईआर, मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो, फोटो और अन्य दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे।
- विविध पक्षों से चर्चा: प्रत्यक्षदर्शियों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर बयानों को सत्यापित किया जाएगा।
- अतिरिक्त बल प्रयोग की जांच: यह भी परखा जाएगा कि क्या पुलिस ने कानून के दायरे से बाहर जाकर अत्यधिक बल प्रयोग किया या छात्रों पर झूठे मुकदमे लादे गए।
रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस
सभी छह जिलों का दौरा पूरा होने के बाद, यह फैक्ट-फाइंडिंग टीम जिलेवार एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें घटनाओं का पूरा क्रम, पुलिस ज्यादतियों के विवरण, मेडिकल व कानूनी रिकॉर्ड, फोटो-वीडियो और निष्कर्ष शामिल होंगे।
इन सभी जिला रिपोर्टों को मिलाकर एक व्यापक बिहार फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट बनाई जाएगी। इस संयुक्त रिपोर्ट को पटना और नई दिल्ली में आयोजित होने वाली बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा। कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य छात्रों और उनके परिवारों की आवाज उठाना, सच का दस्तावेजीकरण करना और पुलिस बर्बरता के मामलों को उजागर करना है।


