पटना/गया: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने भारत की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर सीधा प्रहार किया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच शुक्रवार, 15 मई 2026 को पेट्रोलियम कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया। बिहार सहित देश भर में पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की गई है।​

बिहार की नई कीमतें और हाहाकार

​इस वृद्धि के साथ ही राजधानी पटना में पेट्रोल की कीमत ₹105.37 से बढ़कर ₹108.67 प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं, डीजल भी पीछे नहीं है; पटना में इसके दाम ₹91.65 से उछलकर ₹94.65 प्रति लीटर हो गए हैं। सिर्फ तरल ईंधन ही नहीं, बल्कि प्रमुख शहरों में सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी ₹2 प्रति किलो का इजाफा हुआ है, जिससे माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन महंगा होना तय है।​

गयाजी में स्थिति बेकाबू: पुलिस ने संभाला मोर्चा

​कीमतें बढ़ते ही गया जिले के इमामगंज नगर पंचायत स्थित पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही अराजकता की स्थिति देखी गई। जैसे ही लोगों को दाम बढ़ने की भनक लगी, पंपों पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। स्थानीय ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि ₹3 की एकमुश्त वृद्धि उनकी कमर तोड़ देगी।​

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

​वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया उबाल इस महंगाई की मुख्य वजह है। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चा तेल जो 70 डॉलर प्रति बैरल पर था, वह अब 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है। तेल कंपनियां इस घाटे की भरपाई के लिए कीमतों को बढ़ाने पर मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जारी रहा, तो कीमतें और भी ऊपर जा सकती हैं।

​प्रधानमंत्री की संयम बरतने की अपील

​गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तेलंगाना के एक कार्यक्रम में देशवासियों को आगाह किया था। उन्होंने भू-राजनीतिक संकट को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सीमित उपयोग की सलाह दी थी। पीएम ने जोर देकर कहा था कि आयातित ईंधन का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार ही करें ताकि देश की विदेशी मुद्रा सुरक्षित रहे और वैश्विक युद्ध के आर्थिक दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।