पटना। ​बिहार में पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे और अंतिम चरण का आयोजन कल 17 जून को किया जा रहा है। इस परीक्षा को लेकर राज्य भर में व्यापक प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां की गई हैं। राज्य के करीब 500 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 5.52 लाख अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। पिछली बार परीक्षा के दौरान हुई अव्यवस्थाओं और हंगामे को देखते हुए इस बार रेलवे ने अभ्यर्थियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है।

​रेलवे की बड़ी पहल: 30 स्पेशल ट्रेनों का संचालन

​परीक्षा केंद्रों तक अभ्यर्थियों के सुरक्षित और समय पर पहुंचने के उद्देश्य से रेलवे ने 16 और 17 जून के लिए 30 विशेष ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें 16 जून की शाम 7 बजे से शुरू होकर 17 जून को पूरे दिन विभिन्न रूटों पर संचालित होंगी। गौरतलब है कि पहले चरण की परीक्षा के दौरान पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर भीड़ के कारण काफी अफरातफरी मची थी जिससे निपटने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था। इस बार ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए रेलवे ने पहले से ही अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।

​प्रमुख रूट और ट्रेनों का विवरण

​यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए निम्नलिखित प्रमुख स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं:

  • ​16 जून की रात्रि सेवाएं: पाटलिपुत्र से किशनगंज (रात 8 बजे), पटना से नरकटियागंज (रात 9 बजे), पाटलिपुत्र से अररिया (रात 10 बजे), पाटलिपुत्र से नौगछिया (रात 11 बजे) और पटना से भभुआ (रात 11:30 बजे) के लिए विशेष ट्रेनें रवाना होंगी।
  • ​17 जून की सेवाएं: पटना-गया रूट (सुबह 7:15 बजे), बक्सर-दानापुर (दोपहर 1:30 बजे), बक्सर-पटना (शाम 6 बजे), किउल-गया (दोपहर 12:30 बजे) और गया-किउल (शाम 5:30 बजे) के बीच ट्रेनें चलेंगी।

​इसके अलावा, राजगीर-बिहारशरीफ, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया कोर्ट, सहरसा, झाझा, औरंगाबाद, हाजीपुर, सोनपुर और नवगछिया जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर भी परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया गया है।

​सुरक्षा व्यवस्था और अपील

​परीक्षा केंद्रों पर भारी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए प्रशासन और रेलवे ने तालमेल बिठाया है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अपनी ट्रेनों का समय देख लें और स्टेशनों पर संयम बनाए रखें ताकि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। रेलवे प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।