औरंगाबाद। समस्तीपुर से आई एक युवती ने अपने प्रेमी (जो कि बिहार पुलिस में सिपाही है) से शादी करने के लिए चेकपोस्ट पर जमकर हंगामा किया। चार साल पुराने इस प्रेम प्रसंग का अंत आखिरकार पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से एक स्थानीय मंदिर में विवाह के साथ हुआ। आइए इस पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं।
स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
दुल्हन बनी पूजा कुमारी ने अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताया कि उसकी और अंकेश की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के दौरान ही दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे गहरे प्यार में बदल गई। शुरुआत में जब अंकेश ने पूजा को प्रपोज किया था, तब उसने इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में दोनों के बीच का रिश्ता मजबूत हो गया।
नौकरी मिलने के बाद बदला सिपाही का रुख
पूजा के मुताबिक, करीब तीन साल पहले अंकेश का चयन बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर हो गया था। नौकरी मिलने के बाद वह अपनी ड्यूटी पर चला गया, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला लगातार जारी रहा। इसी बीच, पूजा के परिवार वालों ने उसकी शादी के लिए दूसरे रिश्ते देखने शुरू कर दिए। स्थिति को भांपते हुए पूजा ने अपने परिजनों को अंकेश के बारे में पूरी बात बता दी।
शादी तय होने की खबर मिलते ही घर से निकली युवती
जब पूजा ने अंकेश से शादी की बात कही, तो उसने साफ इनकार कर दिया और कहा कि वह अब उससे शादी नहीं कर सकता। यह सुनकर पूजा अंदर से पूरी तरह टूट गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। कुछ समय बाद उसे यह जानकारी मिली कि अंकेश की शादी परिवार वालों ने कहीं और तय कर दी है। यह बात पता चलते ही वह अपने घर पर बिना बताए समस्तीपुर से करीब 250 किलोमीटर का सफर तय कर सीधे औरंगाबाद के अंबा पहुंच गई।
चेकपोस्ट पर हुआ विवाद और डायल-112 की एंट्री
पूजा सीधे उत्पाद विभाग के एरका चेकपोस्ट पर जा पहुंची जहां अंकेश की ड्यूटी तैनात थी। चेकपोस्ट पर पहुंचते ही दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और कहासुनी शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को अपने साथ थाने ले आई, जहां पूछताछ के बाद चार साल पुराने इस अफेयर की पूरी सच्चाई सामने आई।
परिजनों की सहमति से मंदिर में हुआ विवाह
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि दोनों बालिग हैं और उनके बीच पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था। घटना की सूचना मिलने पर दोनों पक्षों के परिजनों को भी थाने बुलाया गया। इसके बाद सभी की मौजूदगी और आपसी सहमति से सतबहिनी मंदिर में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी संपन्न कराई गई। प्रेमिका की जिद और पुलिस की पहल ने आखिरकार इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को एक सुखी अंत तक पहुंचा दिया।


